देश में नहीं है H1N1 का नया वेरिएंट: ICMR !
देश में H1N1 का कोई नया स्ट्रेन नहीं! ICMR ने दी राहत की खबर—घबराने की जरूरत नहीं, सतर्क रहें और सुरक्षित रहें।
देश में H1N1 का कोई नया स्ट्रेन नहीं: ICMR ने दी राहत भरी जानकारी, जानें लक्षण और बचाव
देश के विभिन्न हिस्सों (विशेषकर दिल्ली-एनसीआर) में मौसमी फ्लू और स्वाइन फ्लू (H1N1) के बढ़ते मामलों के बीच भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने स्पष्ट किया है कि भारत में H1N1 का कोई नया या खतरनाक स्ट्रेन सामने नहीं आया है।
ICMR की रिपोर्ट में क्या है?
ICMR के वैज्ञानिकों के अनुसार, देश में इस समय फैल रहा वायरस इन्फ्लूएंजा A (H1N1) pdm09 है, जो A/Missouri/11/2025 (H1N1) pdm09-लाइक वायरस स्ट्रेन से मेल खाता है।6B.1A.5a2a और सब-क्लेड D.3.1.1 से संबंधित है।
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मौजूदा वैक्सीन पूरी तरह कारगर: वैज्ञानिकों ने पुष्टि की है कि भारत में सक्रिय यह स्ट्रेन उत्तरी गोलार्ध (Northern Hemisphere) के लिए अनुशंसित फ्लू वैक्सीन से पूरी तरह मेल खाता है।
बाजार में उपलब्ध वार्षिक फ्लू वैक्सीन इस संक्रमण से बचाव में सक्षम है। -
सेल्फ-लिमिटिंग बीमारी: ICMR के अनुसार, मौसमी इन्फ्लूएंजा अधिकांश मामलों में 3 से 5 दिनों में पर्याप्त आराम, तरल पदार्थों के सेवन और सामान्य देखभाल से स्वतः ठीक हो जाता है।
H1N1 के प्रमुख लक्षण
सामान्य फ्लू की तरह इसके लक्षण भी ऊपरी श्वसन तंत्र से जुड़े होते हैं:
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तेज बुखार और ठंड लगना
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लगातार खांसी, गले में खराश और सूखापन
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सिरदर्द और मांसपेशियों व बदन में तेज दर्द
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अत्यधिक थकान और कमजोरी
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कुछ मामलों में बहती नाक या उल्टी-दस्त के लक्षण
किन लोगों को अधिक सतर्कता की जरूरत है?
सामान्य वयस्कों के लिए यह संक्रमण गंभीर नहीं होता, लेकिन संवेदनशील वर्गों को विशेष ध्यान देने की सलाह दी गई है:
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5 वर्ष से कम उम्र के छोटे बच्चे
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65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग
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गर्भवती महिलाएं
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पहले से गंभीर बीमारियों (जैसे अस्थमा, क्रोनिक लंग डिजीज, डायबिटीज, हृदय रोग या कमजोर इम्यूनिटी) से जूझ रहे मरीज
तुरंत डॉक्टर को कब दिखाएं? (खतरे के संकेत)
यदि निम्नलिखित में से कोई भी गंभीर लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत चिकित्सीय परामर्श लें:
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सांस लेने में कठिनाई या तेजी से सांस चलना।
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सीने में लगातार दर्द या भारी दबाव महसूस होना।
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ऑक्सीजन स्तर (SpO2) का गिरना।
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बुखार उतरने के बाद अचानक दोबारा तेज बुखार आना और तबीयत बिगड़ना।
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अत्यधिक चक्कर आना, भ्रम (confusion) या शरीर में पानी की गंभीर कमी।
बचाव और सावधानियां
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हाथों की स्वच्छता: हाथों को साबुन और पानी से नियमित रूप से 20 सेकंड तक धोएं या अल्कोहल-आधारित सैनिटाइज़र का उपयोग करें।
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रेस्पिरेटरी हाइजीन: खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रुमाल, टिशू या कोहनी से ढकें।
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भीड़भाड़ से बचें: भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें और लक्षण दिखने पर सार्वजनिक संपर्क से बचें।
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हाइड्रेशन और आराम: पर्याप्त मात्रा में गुनगुना पानी, सूप और तरल पदार्थ लें और पूरा आराम करें।
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बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें: बिना डॉक्टर के पर्चे के एंटीबायोटिक्स या एंटीवायरल दवाएं लेने से बचें।
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