दिल्ली-एनसीआर में उमस के बाद अचानक क्यों हुई भीषण बारिश ?

पसीने छुड़ाने वाली गर्मी के बाद राजधानी में अचानक क्यों बरसे बदरा? मौसम विभाग (IMD) ने बताई इसके पीछे की वैज्ञानिक वजह।

दिल्ली-एनसीआर में उमस के बाद अचानक क्यों हुई भीषण बारिश ?

दिल्ली में उमस के बाद अचानक क्यों हुई भीषण बारिश? IMD ने बताई इसके पीछे की वजह

दिल्ली-एनसीआर में कई दिनों से जारी चिपचिपी और पसीने छुड़ाने वाली उमस के बाद मौसम ने अचानक करवट ली और राजधानी के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश देखने को मिली। तेज बारिश से जहां तापमान में गिरावट आई और लोगों को राहत मिली, वहीं कई व्यस्त सड़कों और अंडरपास में भारी जलभराव की स्थिति बन गई।

अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि भयंकर उमस के ठीक बाद अचानक इतनी तेज बारिश क्यों होने लगती है? भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और मौसम वैज्ञानिकों ने इसके पीछे के वैज्ञानिक और मौसमी कारणों को स्पष्ट किया है।

1. अत्यधिक उमस और 'कन्वेक्टिव क्लाउड्स' का बनना

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जब हवा में नमी (Humidity) का स्तर 80% से 90% से अधिक पहुंच जाता है और साथ ही तेज धूप या तापमान बढ़ता है, तो जमीन के पास की गर्म और अत्यधिक नम हवा तेजी से ऊपर की ओर उठती है।

  • इसे वैज्ञानिक भाषा में कन्वेक्शन (Convection) कहा जाता है।

  • जब यह नम हवा वायुमंडल में ऊंचाई पर जाती है, तो वहां तेजी से ठंडी होकर विशाल कम्युलोनिम्बस (Cumulonimbus - गरज वाले बादल) का रूप ले लेती है।

  • ये बादल कम समय में बहुत तेजी से बनते हैं और अचानक तेज आंधी, बादलों की गड़गड़ाहट और मूसलाधार बारिश (Intense Rain Spells) का कारण बनते हैं।

2. मानसून ट्रफ की स्थिति में बदलाव

मानसून सीजन के दौरान बारिश का मुख्य आधार मानसून ट्रफ (Monsoon Trough) होता है।

  • जब मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर (North) की ओर खिसककर दिल्ली-एनसीआर और मैदानी इलाकों के पास आ जाती है, तो हवा का दबाव काफी कम हो जाता है।

  • निम्न दबाव के इस क्षेत्र की ओर चारों तरफ से नम हवाएं तेजी से खिंचती हैं, जिससे अचानक बादलों का जमावड़ा होता है और भारी बारिश शुरू हो जाती है।

3. बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नमी का मिलन

आईएमडी के अनुसार, जब उत्तर-पश्चिम भारत पर कोई स्थानीय चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) या पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होता है, तो:

  1. बंगाल की खाड़ी से आने वाली पुरवैया (पूर्वी हवाएं) भारी मात्रा में नमी लाती हैं।

  2. दूसरी ओर से अरब सागर की दक्षिण-पश्चिमी हवाएं भी नमी जोड़ती हैं।

  3. इन दोनों हवाओं के दिल्ली के ऊपर मिलने (Convergence) से वातावरण में पानी की मात्रा बहुत अधिक बढ़ जाती है, जो भीषण बारिश के रूप में बरसती है।

आगे कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?

आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, जब तक वातावरण में नमी का स्तर बना रहेगा, तब तक रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर तेज बौछारें पड़ने की संभावना बनी रहेगी। विभाग ने बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव और यातायात जाम को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।