अब जनता की बारी; 5 राज्यों के चुनाव कार्यक्रम घोषित !
5 राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान! 9 अप्रैल से शुरू होगा लोकतंत्र का उत्सव।
चुनावी बिगुल: 5 राज्यों में विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान, जानें आपके राज्य में कब होगी वोटिंग
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने आज रविवार को देश के पांच महत्वपूर्ण राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के लिए चुनावी कार्यक्रम (Election Schedule) की घोषणा कर दी है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में होने वाले चुनावों की रूपरेखा पेश की।
इन 5 राज्यों में होंगे चुनाव
चुनाव आयोग ने जिन राज्यों के लिए कार्यक्रम जारी किया है, उनमें शामिल हैं:
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पश्चिम बंगाल (294 सीटें)
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तमिलनाडु (234 सीटें)
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असम (126 सीटें)
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केरल (140 सीटें)
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पुडुचेरी (30 सीटें)
मुख्य चुनावी तारीखें (संभावित शेड्यूल के अनुसार)
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा और भौगोलिक स्थितियों को देखते हुए विभिन्न चरणों में मतदान कराया जाएगा:
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चुनाव की घोषणा: 15 मार्च 2026
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नामांकन की प्रक्रिया: मार्च के अंतिम सप्ताह से शुरू होगी।
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मतदान (Voting): अप्रैल के मध्य से शुरू होकर मई के पहले सप्ताह तक चलने की संभावना है। (तमिलनाडु के लिए संभावित मतदान तारीख 23 अप्रैल है)।
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नतीजे (Results): मई के पहले या दूसरे सप्ताह में मतगणना की जाएगी (संभावित तिथि 4-5 मई)।
आदर्श आचार संहिता लागू
चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही इन सभी पांच राज्यों में 'आदर्श आचार संहिता' (Model Code of Conduct) तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। अब सरकारें किसी भी नई योजना की घोषणा या लोकलुभावन वादे नहीं कर सकेंगी। चुनाव आयोग ने सख्त निर्देश दिए हैं कि चुनावों को पूरी तरह से निष्पक्ष और हिंसा मुक्त बनाया जाए, विशेष रूप से पश्चिम बंगाल जैसे संवेदनशील राज्यों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
क्यों महत्वपूर्ण हैं ये चुनाव?
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पश्चिम बंगाल: ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी के लिए सत्ता बचाने की बड़ी चुनौती है।
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तमिलनाडु: मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की द्रविड़ राजनीति और उभरती नई पार्टियों (जैसे विजय की TVK) के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।
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असम: भाजपा अपनी सत्ता बरकरार रखने और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में एक बार फिर जनादेश हासिल करने की कोशिश करेगी।
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केरल: क्या वामपंथी गठबंधन (LDF) दोबारा इतिहास दोहरा पाएगा या कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF वापसी करेगा?
वोटर्स के लिए खास जानकारी
इस बार के चुनाव में करीब 17.4 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव आयोग ने बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए 'घर से वोट' (Vote from Home) जैसी सुविधाओं को और बेहतर बनाने का भरोसा दिया है।
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