कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 आज से:125 भारतीय खिलाड़ी 8 खेलों में उतरेंगे !

CWG 2026 का बिगुल बजा! स्कॉटलैंड के गिलासगो में 3,000+ एथलीट्स के बीच 1,168 मेडल्स की जंग शुरू। 125 भारतीय खिलाड़ी 8 खेलों में दिखाएंगे अपना जलवा।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 आज से:125 भारतीय खिलाड़ी 8 खेलों में उतरेंगे !

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का बिगुल बजा: गिलासगो में 3,000+ खिलाड़ियों का महाकुंभ, 125 भारतीय एथलीट्स 8 खेलों में दिखाएंगे दम

स्कॉटलैंड के खूबसूरत शहर गिलासगो में 23वें राष्ट्रमंडल खेल (Commonwealth Games 2026) का शानदार आगाज हो चुका है। वैश्विक खेल मानचित्र पर अपनी अमिट छाप छोड़ने के लिए दुनिया भर से 74 देशों और क्षेत्रों के 3,000 से अधिक एथलीट्स एक मंच पर जमा हुए हैं। अगले 11 दिनों तक चलने वाले इस खेल महाकुंभ में कुल 215 पदक स्पर्धाओं के अंतर्गत 1,168 पदकों के लिए कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा।

भारतीय खेल प्रेमियों की नज़रें इस बार अपने 125 सदस्यीय खिलाड़ी दल पर टिकी हैं। भारत के ये जाबांज 8 मुख्य खेलों (Able-bodied) और 5 पैरा-स्पोर्ट्स में देश का तिरंगा फहराने के इरादे से मैदान में उतर चुके हैं। यद्यपि इस बार पिछले संस्करणों की तुलना में खेलों का दायरा छोटा रखा गया है, फिर भी भारतीय दल की ताकत और पदक जीतने का जुनून पहले से कहीं अधिक मजबूत दिखाई दे रहा है।

गिलासगो 2026: एक नज़र में मुख्य बिंदु

  • आयोजन तिथि: 23 जुलाई से 2 अगस्त 2026

  • मेजबान शहर: गिलासगो, स्कॉटलैंड

  • भाग लेने वाले देश/क्षेत्र: 74 राष्ट्रमंडल सदस्य

  • प्रतिभागी एथलीट्स: 3,000 से अधिक

  • कुल मेडल इवेंट्स: 215 पदक स्पर्धाएं

  • भारतीय दल का आकार: 125 खिलाड़ी

  • भारत की भागीदारी: 8 मुख्य खेल एवं 5 पैरा-स्पोर्ट्स

क्यों खास और अलग है गिलासगो 2026 का यह संस्करण?

विक्टोरिया (ऑस्ट्रेलिया) के मेजबानी से पीछे हटने के बाद गिलासगो ने बेहद कम समय में इन खेलों की कमान संभाली है। लागत को नियंत्रित करने और पर्यावरण-अनुकूल आयोजन सुनिश्चित करने के लिए आयोजकों ने एक बेहद चुस्त मॉडल अपनाया है।

इस बार खेलों को केवल चार प्रमुख वेन्यू (स्कॉटस्टौन स्टेडियम, टोलक्रॉस इंटरनेशनल स्विमिंग सेंटर, गिलासगो इंटरनेशनल एरिना और एसईसी कॉम्प्लेक्स) तक सीमित रखा गया है। इसके साथ ही, खेलों की सूची को 19 से घटाकर केवल 10 मुख्य खेलों तक लाया गया है। इस बदलाव के कारण बैडमिंटन, कुश्ती, क्रिकेट और निशानेबाजी जैसी पारंपरिक स्पर्धाएं इस बार शेड्यूल का हिस्सा नहीं हैं।

भारतीय स्टार खिलाड़ियों पर टिकी हैं निगाहें

भले ही खेलों का आकार छोटा हुआ हो, लेकिन भारत की पदक संभावनाओं में कोई कमी नहीं आई है। भारतीय दल में ओलंपिक पदक विजेताओं से लेकर उभरते हुए युवा सितारे शामिल हैं:

नीरज चोपड़ा (भाला फेंक): दो बार के ओलंपिक पदक विजेता और विश्व चैंपियन नीरज चोपड़ा एथलेटिक्स ट्रैक पर भारतीय उम्मीदों के सबसे बड़े ध्वजवाहक हैं।

मीराबाई चानू (भारोत्तोलन): टोक्यो ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाली मीराबाई चानू एक बार फिर से वेटलिफ्टिंग में भारत को स्वर्णिम शुरुआत दिलाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

लवलीना बोरगोहेन (बॉक्सिंग): मुक्केबाजी में लवलीना भारतीय रिंग की अगुवाई कर रही हैं और उनसे स्वर्ण पदक की मजबूत उम्मीद जताई जा रही है।

इसके अलावा शॉटपुट में तेजिंदरपाल सिंह तूर, ट्रिपल जंप में प्रवीण चित्रवेल, स्विमिंग में श्रीहरि नटराज और साजन प्रकाश तथा जूडो में तुलिका मान जैसे मंझे हुए खिलाड़ी भारत के पदक तालिका को समृद्ध करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाएंगे।

किन-किन खेलों में दिखेगा भारतीय जांबाजों का जलवा?

भारतीय खिलाड़ी इस बार सीमित लेकिन सबसे प्रतिस्पर्धी स्पर्धाओं में हिस्सा ले रहे हैं। भारतीय खिलाड़ी मुख्य रूप से निम्नलिखित स्पर्धाओं में अपनी चुनौती पेश कर रहे हैं:

  • एथलेटिक्स और पैरा-एथलेटिक्स: ट्रैक एंड फील्ड इवेंट्स में भारत का सबसे बड़ा दल उतरा है।

  • वेटलिफ्टिंग एवं पैरा-पावरलिफ्टिंग: भारत का ऐतिहासिक रूप से दबदबा रहा है और इस बार भी कई पदक पक्के माने जा रहे हैं।

  • बॉक्सिंग (मुक्केबाजी): पुरुषों और महिलाओं की विभिन्न भार श्रेणियों में भारतीय मुक्केबाज़ पंच जमाएंगे।

  • स्विमिंग एवं पैरा-स्विमिंग: भारतीय तैराक पूल में अपनी गति का लोहा मनवाने उतरेंगे।

  • जिम्नास्टिक्स (Artistic Gymnastics): कलात्मक जिम्नास्टिक्स में भारतीय एथलीट अपनी महारत दिखाएंगे।

  • ट्रैक साइक्लिंग: रोनाल्डो सिंह और डेविड बेकहम जैसे साइक्लिस्ट्स वेलोड्रोम पर रफ्तार का जलवा बिखेरेंगे।

  • जूडो: भारतीय जूडोका मैटर पर अपनी पकड़ मजबूत करने उतर रहे हैं।

  • लॉन बॉल्स: बर्मिंघम 2022 की ऐतिहासिक सफलता के बाद भारतीय लॉन बॉल्स टीम से फिर से मेडल की उम्मीद है।

भारत में कब और कहाँ देखें सीधा प्रसारण?

भारत में खेलों के प्रति दीवानगी को देखते हुए प्रसारण अधिकार धारकों ने दर्शकों के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। भारतीय समयानुसार दोपहर 1:00 बजे से रात 12:30 बजे तक अलग-अलग सत्रों में मुकाबले खेले जाएंगे।

  • टीव्ही पर प्रसारण: आप सभी लाइव मुकाबलों का सीधा प्रसारण Sony Sports Network के विभिन्न स्पोर्ट्स चैनलों पर देख सकते हैं।

  • डिजिटल/ओटीटी स्ट्रीमिंग: स्मार्टफोन, लैपटॉप या स्मार्ट टीवी पर लाइव स्ट्रीमिंग के लिए SonyLIV ऐप और वेबसाइट पर प्रसारण उपलब्ध रहेगा।

गिलासगो में सज चुके इस महामंच पर अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय खिलाड़ी अपनी प्रतिभा के दम पर बर्मिंघम के पिछले शानदार रिकॉर्ड को दोहराते हुए देश को कितने पदक दिला पाते हैं!