गुजरात में मानसून का दौर, 13 बांध लबालब और 21 पर 'हाई अलर्ट' !

गुजरात में भारी बारिश से 207 जलाशयों में जलस्तर 54% के पार पहुंच गया है। 13 बांध 100% भर चुके हैं, जबकि 21 बांधों पर हाई अलर्ट जारी किया गया है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

गुजरात में मानसून का दौर, 13 बांध लबालब और 21 पर 'हाई अलर्ट' !

गुजरात में मानसून का कहर: 13 जलाशय हुए लबालब, 21 बांधों पर 'हाई अलर्ट' घोषित

गुजरात में मानसून की मूसलाधार बारिश से जहां एक ओर जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं दूसरी ओर राज्य के जलाशयों में जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। जल संसाधन विभाग की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के कुल 207 प्रमुख जलाशयों में जलसंग्रहण क्षमता का 54% से अधिक पानी भर चुका है। बारिश के कारण 13 जलाशय 100% भरकर पूर्ण रूप से छलक गए हैं, जबकि 21 प्रमुख बांधों पर प्रशासन द्वारा 'हाई अलर्ट' जारी किया गया है।

मुख्य बिंदु (Key Highlights)

  • कुल जलसंग्रह: राज्य के 207 जलाशयों में औसत जलसंग्रह 54% के पार।

  • 100% भरे बांध: 13 जलाशय पूरी तरह भर चुके हैं।

  • हाई अलर्ट: जलस्तर में अचानक वृद्धि के कारण 21 बांधों को 'हाई अलर्ट' जोन में रखा गया है।

  • सरदार सरोवर बांध: गुजरात की जीवनरेखा माना जाने वाला सरदार सरोवर नर्मदा बांध 69.25% तक भर गया है।

  • सर्वाधिक आवक: दक्षिण गुजरात के दमनगंगा बांध में सबसे अधिक (27,400 क्यूसेक से ज्यादा) पानी की आवक दर्ज की गई है।

सरदार सरोवर नर्मदा बांध का जलस्तर 69% के पार

राज्य के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण सरदार सरोवर नर्मदा बांध में पानी की आवक लगातार जारी है। वर्तमान में बांध में 2,31,342 लाख घन फीट (MCFT) पानी का भंडारण हो चुका है, जो इसकी कुल भंडारण क्षमता का 69.25% है। ऊपरी इलाकों में हो रही बारिश के चलते बांध में हजारों क्यूसेक पानी आ रहा है, जिससे आगामी सीजन में पीने के पानी और सिंचाई की चिंताएं काफी हद तक दूर हो गई हैं।

क्षेत्रवार जलसंग्रह की स्थिति

गुजरात के अलग-अलग क्षेत्रों में हुई बारिश के अनुसार जलाशयों का जलस्तर इस प्रकार है:

क्षेत्र जलाशयों की संख्या वर्तमान जलसंग्रह (%)
मध्य गुजरात 17 50% से अधिक
सौराष्ट्र 141 लगभग 47%
दक्षिण गुजरात 13 लगभग 45%
उत्तर गुजरात 15 लगभग 39%
कच्छ 20 लगभग 25%

अलर्ट और प्रशासन की सतर्कता

  1. 21 बांधों पर हाई अलर्ट: जिन बांधों में 90% से अधिक पानी भर चुका है, वहां स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम (NDRF/SDRF) को अलर्ट पर रखा गया है।

  2. निचले इलाकों में चेतावनी: वणाकबोरी, कडाणा, करजण, दमनगंगा, उकाई, जूज और केलिया जैसे बांधों से नियंत्रित मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण नदी तट एवं निचले इलाकों के गांवों को सतर्क रहने और नदी किनारे न जाने की हिदायत दी गई है।

  3. 5 बांध अलर्ट और 13 वार्निंग जोन में: 21 हाई अलर्ट वाले बांधों के अलावा 5 जलाशयों को 'अलर्ट' तथा 13 जलाशयों को 'वार्निंग' की श्रेणी में रखा गया है।