क्या आप जानते हैं कि तिहाड़ जेल के कैदियों का डेली फूड मेन्यू क्या है ?

जानिए दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी जेल तिहाड़ और दुनिया भर की जेलों में कैदियों को डाइट में क्या-क्या मिलता है।

क्या आप जानते हैं कि तिहाड़ जेल के कैदियों का डेली फूड मेन्यू क्या है ?

तिहाड़ जेल से लेकर दुनिया भर की जेलों तक: क्या होता है कैदियों का 'फूड मेन्यू'?

जेल का नाम सुनते ही अक्सर ज़हन में लोहे की सलाखें, तन्हाई और बेस्वाद खाने की तस्वीर उभरती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत की सबसे सुरक्षित और चर्चित तिहाड़ जेल में कैदियों को हर दिन सुबह की चाय से लेकर रात के खाने तक क्या परोसा जाता है? या फिर दुनिया की अन्य अलग-अलग जेलों में कैदियों की थाली में क्या होता है?

आइए जानते हैं भारत की तिहाड़ जेल के डाइट प्लान और दुनिया भर की जेलों के अनोखे फूड सिस्टम के बारे में।

तिहाड़ जेल: सुबह से रात तक का 'डेली डाइट प्लान'

दक्षिण एशिया की सबसे बड़ी जेलों में से एक तिहाड़ जेल में कैदियों को जेल मैन्युअल और डाइटिशियन द्वारा तय किए गए पोषण चार्ट के अनुसार दिन में चार बार भोजन दिया जाता है।

सुबह 7:00 बजे ➔ चाय + ब्रेड / बिस्किट / पूरी-सब्जी या खिचड़ी

 दोपहर 11:00 बजे ➔ 4 रोटी (या चावल), दाल और मौसमी सब्जी
 शाम 3:30 बजे   ➔ शाम की चाय और बिस्किट
 रात 6:30 बजे   ➔ 4 रोटी (या चावल), दाल और मौसमी सब्जी

कितना राशन मिलता है हर कैदी को?

तिहाड़ जेल में हर कैदी के लिए दैनिक राशन का वजन और नाप फिक्स होता है:

  • अनाज (गेहूं/चावल): लगभग 600 ग्राम

  • दाल: 100 ग्राम

  • सब्जियां: 270 ग्राम

  • तेल व नमक: 30-30 ग्राम

  • अन्य: हफ्ते में दो बार दूध और मेडिकल सलाह पर या तय दिनों में अंडे या सोयाबीन उत्पाद परोसे जाते हैं।

विशेष ध्यान: गर्भवती महिलाओं, बीमार कैदियों या बच्चों के साथ रह रही महिला कैदियों के लिए डॉक्टर की सलाह पर विशेष पौष्टिक आहार दिया जाता है। कैदी अपनी कैंटीन से स्मार्ट कार्ड के ज़रिए बिस्कुट, नमकीन या नारियल पानी जैसे पैकेज्ड सामान भी खरीद सकते हैं।

दुनिया की अन्य जेलों में क्या मिलता है खाने को?

अलग-अलग देशों में कैदियों के खाने के नियम वहां के कानून और संस्कृति के हिसाब से काफी भिन्न हैं:

1. अमेरिका (USA): प्रैक्टिकल और कैलोरी-बेस्ड खाना

अमेरिकी जेलों में खाना काफी हद तक पैकेज्ड और प्रोसेस्ड होता है।

  • ब्रेकफास्ट: दलिया (Oatmeal), सीरियल, ब्रेड, बटर और दूध।

  • लंच और डिनर: बर्गर, टैकोस, पास्ता, बीन्स, चावल, या चिकन/मीट पैटी।

  • न्यूट्रालोफ़ (Nutraloaf): अनुशासन तोड़ने वाले कैदियों को सज़ा के तौर पर एक बेस्वाद 'लोफ़' दिया जाता है, जिसमें सब्जी, फल और अनाज को मिलाकर एक ब्रेड जैसी शेप में बेक कर दिया जाता है।

2. जापान: व्यवस्थित और संतुलित आहार

जापानी जेलों में खाना सादा लेकिन पोषण से भरपूर होता है।

  • भोजन में उबले हुए चावल या नूडल्स, सी-फूड (जैसे मैकेरल मछली), सूप और अचार (Daikon Radish) शामिल होते हैं।

  • खाना बहुत कम तेल और मसालों में पकाया जाता है।

3. रूस: बेहद सादा और सख्त मेन्यू

रूस की जेलों में कैदियों को बहुत ही बुनियादी खाना दिया जाता है:

  • सुबह: बिना दूध का जौ का दलिया (Barley porridge)।

  • दोपहर/रात: पत्तागोभी का सूप (Cabbage soup), उबले आलू, काली रोटी और कभी-कभार मछली या मीट।

4. जर्मनी: 'मैकडॉनल्ड्स' तक की दिलचस्प घटना

जर्मनी की जेलों में आमतौर पर ब्रेड, चीज़, बटर, आलू और मीट/सब्जियों का संतुलित भोजन मिलता है।

  • दिलचस्प वाकया: बर्लिश ग्लैडबाख (Bergisch Gladbach) की एक जेल में जब कांट्रैक्टर से विवाद हुआ, तो पास ही स्थित McDonald's से कैदियों के लिए बर्गर और टोस्ट मंगवाए गए थे !

5. इटली: रेस्टोरेंट जैसी फाइन-डाइनिंग

इटली की फोर्टेज़ा मेडिसिया (Fortezza Medicea) जेल एक अनोखा सुधार गृह है, जहां कैदियों को शेफ बनने की ट्रेनिंग दी जाती है। यहां कैदी खुद उच्च स्तर का पास्ता और इटैलियन व्यंजन तैयार करते हैं, जिसे खाने के लिए बाहर से लोग भी बुकिंग करवाते हैं!

जेल चाहे भारत की हो या विदेश की, खाना मुख्य रूप से कैदियों की कैलोरी और पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए ही तैयार किया जाता है। हालांकि, सुरक्षा कारणों से किसी भी कैदी को उसकी निजी मनपसंद डाइट या बाहर से खाना मंगवाने की अनुमति आम तौर पर नहीं दी जाती।