राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आज दर्ज हो सकती हैं 2 FIR; SIT की जांच तेज !

आस्था के केंद्र में सेंधमारी पर कड़ा प्रहार! राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT की मैराथन जांच जारी। आज 2 अलग-अलग FIR दर्ज होने की संभावना।

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आज दर्ज हो सकती हैं 2 FIR; SIT की जांच तेज !

अयोध्या के भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी और दान राशि गबन (Donation Theft Scam) के मामले में आज बड़ी कानूनी कार्रवाई होने की उम्मीद है। शासन द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT), अयोध्या के जिलाधिकारी (DM) शशांक त्रिपाठी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. गौरव ग्रोवर के साथ मंदिर परिसर पहुंची।

जांच में तेजी लाते हुए एसआईटी ने कल देर रात तक करीब 42 से 43 संदिग्धों से गहन पूछताछ की है। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आज (मंगलवार) दो अलग-अलग एफआईआर (FIR) दर्ज की जा सकती हैं।

कल क्या-क्या हुआ? SIT की 8 घंटे की मैराथन जांच

सोमवार दोपहर लगभग 2:50 बजे एसआईटी की टीम राम जन्मभूमि परिसर पहुंची और रात 11:30 बजे तक (करीब 8 घंटे) लगातार जांच-पड़ताल की।

  • 42 से अधिक लोगों से पूछताछ: मंदिर परिसर में तैनात सेवादार, सुरक्षाकर्मी और दानपात्र की काउंटिंग (पैसों की गिनती) के लिए नियुक्त किए गए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के कर्मचारियों को बुलाकर सवाल-जवाब किए गए।

  • दस्तावेजों और सीसीटीवी की जांच: एसआईटी ने साल 2021 से लेकर अब तक के दान, चढ़ावे और बैंक डिपॉजिट से जुड़े सभी अहम दस्तावेजों को खंगाला है।

  • परिसर का भौतिक निरीक्षण: टीम ने 67 एकड़ के राम मंदिर परिसर में यात्री सुविधा केंद्र (PFC), गर्भगृह और उन सभी जगहों का भौतिक निरीक्षण किया जहां-जहां दानपात्र रखे जाते हैं।

  • अधिकारियों से बंद कमरे में पूछताछ: एसआईटी ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से बंद कमरे में करीब 2 घंटे बातचीत की। इसके साथ ही, मामले से जुड़े एक और प्रमुख पदाधिकारी और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव से भी ढाई घंटे तक अलग से पूछताछ की गई।

वर्चस्व की लड़ाई और 'ड्राइवर' के जरिए खुला राज

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, यह पूरा मामला मंदिर प्रबंधन की अंदरूनी कलह और वर्चस्व की लड़ाई के कारण बाहर आया।

कैसे पकड़ा गया मामला? ट्रस्ट के ही एक धड़े को जानकारी मिली थी कि दानपात्रों से चढ़ावा चोरी करने का यह खेल लंबे समय से चल रहा है। योजना के तहत, 5 जून को दोपहर में अचानक एक ट्रस्ट पदाधिकारी यात्री सुविधा केंद्र (PFC) पहुंच गए। वहां उन्होंने रामशंकर यादव उर्फ 'टिन्नू' (जो एक पदाधिकारी का ड्राइवर बताया जा रहा है) को रंगे हाथों पकड़ा। आरोप है कि चोरी की गई इस रकम में से एक बार तो ठेके पर शराब पिलाने में ही ₹50,000 खर्च कर दिए गए थे।

जब यह अंदरूनी बात बाहर लीक हुई और समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस पर सोशल मीडिया (X) पर पोस्ट किया, तो मामले ने राजनीतिक और सामाजिक रूप से तूल पकड़ लिया।

आज क्या हो सकता है? (2 FIR की तैयारी)

एसआईटी की शुरुआती पड़ताल के बाद आज दो प्राथमिकियां (FIR) दर्ज होने की पूरी संभावना है:

  1. पहली FIR: दानपात्र से पैसे चोरी करने वाले मुख्य आरोपियों और सेवादारों के खिलाफ (गबन और अमानत में खयानत की धाराओं में)।

  2. दूसरी FIR: परिसर की सुरक्षा में चूक, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में लापरवाही और मंदिर के भीतर से गोपनीय जानकारियां व कथित वीडियो लीक करने वालों के खिलाफ।

मंदिर में अब क्या बदल रहा है?

इस बड़े विवाद के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा सुधारात्मक कदम उठाने का फैसला किया है:

  • सिंगल लॉक दानपात्र हटेंगे: परिसर से सिंगल लॉक वाले सभी पुराने दानपात्र हटाए जा रहे हैं। एसबीआई (SBI) प्रबंधन ने सुरक्षा कारणों से इन सिंगल लॉक बक्सों को खोलने से साफ मना कर दिया है। अब इनकी जगह एडवांस और डबल-लॉक वाले हाई-सिक्योरिटी दानपात्र लगाए जाएंगे।

  • सीसीटीवी नेटवर्क का अपग्रेड: सभी काउंटिंग रूम और यात्री सुविधा केंद्रों में नए और आधुनिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। पूर्व में एक पदाधिकारी द्वारा सीसीटीवी लगाने का विरोध किए जाने की बात भी जांच के दायरे में है।

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने एसआईटी को 7 दिनों के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। सरकार का साफ कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर के चढ़ावे से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।