चंपत राय पर एक्शन लगभग तय; राम मंदिर में दान के पैसों की हेराफेरी पर भड़के सीएम योगी !

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT की जांच पूरी! आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपी जाएगी रिपोर्ट। चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा पर गिर सकती है गाज।

चंपत राय पर एक्शन लगभग तय; राम मंदिर में दान के पैसों की हेराफेरी पर भड़के सीएम योगी !

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय गड़बड़ी का मामला इस समय बेहद गरमाया हुआ है। इस पूरे प्रकरण की जांच कर रही 3 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) की गतिविधियां और इस मामले से जुड़े अब तक के मुख्य अपडेट्स निम्नलिखित हैं:

1. SIT की जांच और लखनऊ वापसी

  • रिपोर्ट सौंपने की तैयारी: 5 दिनों तक अयोध्या में मैराथन जांच और पूछताछ करने के बाद SIT की टीम लखनऊ लौट रही है। टीम अपनी पहली प्रारंभिक रिपोर्ट (Preliminary Report) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपने जा रही है।

  • गहन पड़ताल: SIT ने पिछले 8 महीनों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले हैं, जिसमें कुछ संदिग्ध गतिविधियां सामने आई हैं। साथ ही, लगभग 40 दान पेटियों से लेकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में पैसे जमा होने तक की पूरी चेन का री-कंस्ट्रक्शन किया गया है।

2. ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारियों से पूछताछ

  • चंपत राय और गोपाल राव: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव से एसआईटी ने घंटों पूछताछ की है। उनसे दान राशि, मंदिर की आंतरिक व्यवस्थाओं और कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर कड़े सवाल किए गए हैं।

  • ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा: केरल में आंखों का इलाज कराकर लौटे ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा से भी लगभग 4 घंटे तक पूछताछ की गई। चूंकि दान प्रबंधन प्रणाली (Donation Management System) की ओवरऑल देखरेख डॉ. मिश्रा ही करते थे, इसलिए उनके बयान को बेहद अहम माना जा रहा है।

3. अब तक की कार्रवाई और संदिग्ध किरदार

  • जांच टीम ने अब तक 24 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए हैं, जिनमें ट्रस्ट के 12 कर्मचारी, SBI के 6 और डिजिटल सिस्टम संभालने वाली TCS के 6 कर्मचारी शामिल हैं।

  • इस मामले में मुख्य रूप से लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुण और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू (चंपत राय के करीबी/कर्मचारी) के नाम सामने आए हैं।

  • खबरों के मुताबिक, इन संदिग्धों से अब तक करीब 2 करोड़ रुपये की रिकवरी हो चुकी है और टिन्नू यादव के घर से सोना भी बरामद किया गया है।

4. प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव के संकेत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस पूरे मामले पर बेहद सख्त रुख अपनाए हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक:

  • गड़बड़ी की पुष्टि होने पर चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा जैसे बड़े चेहरों पर गाज गिर सकती है या उन्हें प्रशासनिक भूमिकाओं से हटाया जा सकता है।

  • मंदिर की सुरक्षा और दान व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए काशी विश्वनाथ मंदिर की तर्ज पर यहाँ भी IAS रैंक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की तैयारी की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने रामभक्तों को भरोसा दिलाया है कि 15 दिनों के भीतर पूरी जांच रिपोर्ट के साथ सच सामने आ जाएगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।