"अब बदलेगा बच्चों का रिज़ल्ट कार्ड — गुजरात में शुरू होगी 360° नई मूल्यांकन प्रणाली"
गुजरात सरकार ने कक्षा 1 से 8 के छात्रों के लिए 360 डिग्री नई मूल्यांकन प्रणाली लागू की है, जिसमें यूनिट टेस्ट और त्रैमासिक परीक्षा के स्वरूप में बदलाव, हॉलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड और सर्वांगीण विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा।

कक्षा 1 से 8 में लागू होगी नई मूल्यांकन प्रणाली – अब होगा 360° सर्वांगीण आकलन
गुजरात सरकार ने राज्य के कक्षा 1 से 8 के सभी छात्रों के लिए मूल्यांकन प्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। अब परंपरागत मार्क्स आधारित परीक्षा पद्धति की जगह एक नई 360 डिग्री मूल्यांकन प्रणाली लागू होगी, जो छात्रों के केवल शैक्षणिक प्रदर्शन ही नहीं बल्कि उनके ज्ञान, कौशल, मूल्यों, व्यवहार, सहयोग और दृष्टिकोण का भी आकलन करेगी।
अब बदलेगी यूनिट टेस्ट और त्रैमासिक परीक्षा की पद्धति
नई प्रणाली के तहत, हर सप्ताह होने वाली यूनिट टेस्ट के स्वरूप में बदलाव किया गया है। इसके साथ ही, हर तीन महीने में त्रैमासिक परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस बदलाव का उद्देश्य बार-बार होने वाली लिखित परीक्षाओं का बोझ कम करना और छात्रों को अधिक सहज, उपयोगी और विद्यार्थी-केंद्रित मूल्यांकन पद्धति देना है।
मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में बना नया ढांचा
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन और शिक्षा मंत्री डॉ. कुबेरभाई डिंडोर तथा राज्य शिक्षा राज्यमंत्री प्रफुलभाई पानसेरिया के नेतृत्व में यह ढांचा तैयार किया गया है। इसके लिए शिक्षा विशेषज्ञ डॉ. जयेंद्रसिंह जादव की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति बनाई गई थी, जिसने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी। उसी के आधार पर अब से राज्यभर के सभी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में यह व्यवस्था लागू होगी।
हॉलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड – अब परिणाम से ज्यादा प्रगति पर जोर
इस नई पद्धति में हॉलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड (HPC) तैयार किया जाएगा, जिसे शिक्षक, सहपाठी, अभिभावक और छात्र – इन चारों के इनपुट से बनाया जाएगा। यह केवल रिजल्ट कार्ड नहीं होगा, बल्कि छात्र की वास्तविक प्रगति का प्रतिबिंब बनेगा। इसके लिए शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
सीखने को बनाएंगे जीवन-कौशल का हिस्सा
सरकार का उद्देश्य है कि मूल्यांकन केवल परीक्षा पास करने का माध्यम न होकर, जीवन जीने के लिए जरूरी कौशल विकसित करने का साधन बने। इस दृष्टिकोण से बच्चों में जिम्मेदारी, आत्म-जागरूकता और निरंतर सुधार की प्रवृत्ति विकसित होगी।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप
यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप है, जिसमें शिक्षा को अधिक समावेशी, व्यापक और सर्वांगीण बनाने पर जोर दिया गया है। इसमें संज्ञानात्मक (Cognitive), भावनात्मक (Affective) और मनोगत (Psychomotor) – तीनों क्षेत्रों में छात्र के विकास को महत्व दिया जाएगा।
नई प्रणाली के साथ, उम्मीद है कि गुजरात के स्कूलों में बच्चों का मूल्यांकन अब एक परीक्षा नहीं, बल्कि उनके संपूर्ण व्यक्तित्व विकास की यात्रा का हिस्सा बनेगा।