वार्ता के आश्वासन पर अभिजीत दीपके ने तोड़ा अनशन !
शिक्षा प्रणाली और परीक्षा सुधारों की मांग को लेकर संसद भवन तक बढ़े प्रदर्शनकारी। जंतर-मंतर से लेकर संसद मार्ग तक सुरक्षा बल मुस्तैद। क्या इस बार युवाओं की बात सुनेगी सरकार?
सरकार से बातचीत के बीच अभिजीत दीपके ने तोड़ा अनशन, संसद भवन की ओर बढ़े प्रदर्शनकारी
देश की राजधानी दिल्ली में परीक्षा सुधारों और शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर जारी आंदोलन में एक बड़ा मोड़ आया है। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सरकार की ओर से बातचीत की पहल के बाद अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त कर दिया है।
मुख्य बिंदु: एक नज़र में
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अनशन समाप्त:
सरकार द्वारा बातचीत के न्यौते और कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनुरोध के बाद अभिजीत दीपके ने भूख हड़ताल समाप्त की। -
सरकार से वार्ता: सीजेपी प्रतिनिधि सौरभ दास और आशुतोष रांका की टीम केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी.
नड्डा से मुलाकात और बातचीत के लिए पहुंची। -
संसद मार्च और सुरक्षा:
सैकड़ों प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़े, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने संसद परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी और कुछ एंट्री गेट्स बंद कर दिए। -
राजनीतिक समर्थन: समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव सहित अन्य विपक्षी नेताओं ने भी जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया।
क्या है पूरा मामला? (आंदोलन की पृष्ठभूमि)
नीट (NEET) और अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं, धांधली और पेपर लीक के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से विरोध प्रदर्शन चल रहा है।
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सोनम वांगचुक का 21 दिनों का अनशन:
प्रसिद्ध पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक परीक्षा सुधारों की मांग को लेकर 21 दिनों से अनशन पर थे। 18 जुलाई को स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। -
अभिजीत दीपके का अनशन संभालना:
वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने के बाद आंदोलन की कमान सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने संभाली और खुद अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए। -
20 जुलाई के 'संसद चलो' का आह्वान:
आयोजकों ने पहले ही 20 जुलाई को संसद भवन तक शांतिपूर्ण मार्च का आह्वान किया था।
सरकार की पहल और बातचीत का दौर
सोमवार सुबह आंदोलन के रुख को देखते हुए सरकार की ओर से प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए संपर्क किया गया।
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सीजेपी के प्रतिनिधि सौरभ दास और आशुतोष रांका केंद्रीय मंत्री जे.पी.
नड्डा से मुलाकात के लिए रवाना हुए। -
प्रतिनिधियों का कहना है कि वे सरकार के सामने छात्रों और युवाओं की प्रमुख मांगें रखेंगे, जिनमें परीक्षा प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता, जवाबदेही तय करना और राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा सुधार लागू करना शामिल है।
अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक के संदेश और सरकार के वार्ता के प्रस्ताव के बाद अभिजीत दीपके ने अनशन समाप्त करने का फैसला लिया।
जंतर-मंतर से संसद भवन तक ज़मीनी स्थिति
अभिजीत दीपके द्वारा अनशन वापस लेने के बावजूद जंतर-मंतर पर जमा हुए हजारों युवाओं का उत्साह कम नहीं हुआ।
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प्रदर्शनकारियों की आवाजाही:
जंतर-मंतर से प्रदर्शनकारी हाथ में तख्तियां और तिरंगा लेकर संसद भवन की दिशा में आगे बढ़े। -
दिल्ली पुलिस का कड़ा पहरा:
संसद परिसर के आसपास भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। एहतियात के तौर पर संसद भवन के कुछ प्रवेश द्वार (Entry Gates) बंद कर दिए गए हैं ताकि प्रदर्शनकारी संसद के अति-सुरक्षित क्षेत्र में प्रवेश न कर सकें। -
विपक्षी नेताओं की उपस्थिति: समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव भी कई अन्य सांसदों के साथ जंतर-मंतर पहुंचीं और छात्रों की मांगों का समर्थन किया।
आगे क्या?
गेंद अब सरकार के पाले में है।
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