पुरी रथ यात्रा में मची भगदड़, 2 की मौत, 100+ घायल

भीड़ प्रबंधन में चूक या आस्था का अतिरेक? पुरी रथ यात्रा में मची भगदड़ में 2 की मौत और 100 से ज्यादा घायल। धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा और संयम सबसे जरूरी है।

पुरी रथ यात्रा में मची भगदड़, 2 की मौत, 100+ घायल

पुरी रथ यात्रा में भगदड़ जैसे हालात: दो श्रद्धालुओं की मौत, 100 से अधिक घायल !

विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा के दौरान ओडिशा के पुरी में एक बार फिर भारी अव्यवस्था और अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। लाखों श्रद्धालुओं की उमड़ी भारी भीड़ के बीच अचानक भगदड़ जैसी स्थिति (Stampede-like situation) पैदा हो गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक दो श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल और अस्वस्थ हो गए हैं। घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

कैसे बिगड़े हालात? (घटना का पूरा ब्यौरा)

जानकारी के अनुसार, यह हादसा रथ यात्रा के पहले दिन उस समय हुआ जब भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के रथों को मुख्य मंदिर से बाहर निकाला जा रहा था और 'पहांडी' रस्म चल रही थी। पुरी के प्रसिद्ध 'बड़ा डंडा' (ग्रैंड रोड) पर भगवान के दर्शन करने और रथ की रस्सी छूने के लिए अचानक लाखों भक्तों का हुजूम एक साथ आगे बढ़ा।

  • भीड़ का अत्यधिक दबाव: अनुमान के मुताबिक, कोरोना के बढ़ते खतरों और तेज बारिश के बावजूद भी करीब 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालु वहां मौजूद थे।

  • दम घुटने और धक्का-मुक्की: रथों के नजदीक जाने की होड़ में लोग एक-दूसरे को धक्का देने लगे, जिससे कई लोग जमीन पर गिर पड़े और एक-दूसरे के ऊपर दबते चले गए। उमस और भारी भीड़ के कारण सैकड़ों लोगों का दम घुटने लगा।

मृतकों और घायलों की स्थिति

अस्पताल और स्थानीय प्रशासन से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में दो लोगों ने अपनी जान गंवाई है।

  1. महिला श्रद्धालु: भीड़ के भारी दबाव के कारण दम घुटने की वजह से एक महिला श्रद्धालु की मौत हो गई।

  2. पुरुष श्रद्धालु: अत्यधिक घबराहट और दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ने से एक अन्य पुरुष श्रद्धालु की जान चली गई।

इसके अलावा, 100 से अधिक लोग इस आपाधापी में घायल हुए हैं। कई बुजुर्गों और बच्चों को सांस लेने में भारी तकलीफ (Asphyxiation) के कारण बेहोशी की हालत में देखा गया।

अस्पताल में आपातकालीन इंतजाम और रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना के तुरंत बाद मौके पर तैनात 'स्पेशल रेस्क्यू यूनिट' (SRU) और रैपिड एक्शन टीमों ने मोर्चा संभाला। भीड़ के बीच फंसे बेहोश और घायल लोगों को बाहर निकाला गया।

  • अस्पतालों में हाई अलर्ट: सभी घायलों को तुरंत पुरी जिला मुख्यालय अस्पताल (DHH) और पुरी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

  • डॉक्टरों की विशेष टीमें: अस्पताल प्रशासन ने आपातकालीन वार्डों में अतिरिक्त डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को तैनात किया है ताकि घायलों को तुरंत ऑक्सीजन और प्राथमिक उपचार मिल सके। कुछ श्रद्धालुओं की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें कटक के SCB मेडिकल कॉलेज रेफर करने की तैयारी भी की जा रही है।

प्रशासन के दावों पर उठे सवाल

हर साल पुरी रथ यात्रा के लिए ओडिशा सरकार और पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के चाक-चौबंद दावों की घोषणा की जाती है। इस बार भी सुरक्षा व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि भीड़ का आकलन करने और उसे नियंत्रित करने में पुलिस बल पूरी तरह नाकाम रहा, जिसके कारण बैरिकेड्स टूट गए और यह हादसा हुआ।

फिलहाल, मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्थिति पर संज्ञान लिया है और घायलों के मुफ्त तथा बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं। स्थानीय प्रशासन अब बड़ा डंडा पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बलों को तैनात कर रहा है ताकि आगे की रस्मों को सुरक्षित रूप से पूरा किया जा सके।