कॉकरोच जनता पार्टी के एक्स अकाउंट को बहाल करने से हाईकोर्ट का इनकार !
दिल्ली हाईकोर्ट ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' के X अकाउंट को तुरंत बहाल करने से किया इनकार। कोर्ट ने कहा- सरकार का पक्ष सुनना ज़रूरी।
सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल होने वाली 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने पार्टी के आधिकारिक 'एक्स' (ट्विटर) अकाउंट को तुरंत बहाल (Unblock) करने के अंतरिम अनुरोध को खारिज कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर केंद्र सरकार के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसके तहत उनके आधिकारिक एक्स अकाउंट को भारत में ब्लॉक (Withheld) कर दिया गया था।
सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) की धारा 69A के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था का हवाला देते हुए इस अकाउंट पर कार्रवाई की थी। इस बैन के खिलाफ CJP के संस्थापक ने अदालत से तुरंत अंतरिम राहत के रूप में अकाउंट बहाल करने की मांग की थी।
हाईकोर्ट ने तुरंत राहत देने से क्यों किया इनकार?
29 मई 2026 को हुई सुनवाई के दौरान, दिल्ली हाईकोर्ट ने तुरंत राहत देने से मना कर दिया। कोर्ट के इस फैसले के पीछे निम्नलिखित मुख्य बिंदु रहे:
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सामग्री पर आपत्ति: अदालत ने पहली नज़र में पाया कि इस सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट की गई कुछ सामग्रियां 'थोड़ी आपत्तिजनक' (Slightly Offensive) थीं।
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समग्र विचार की आवश्यकता: अदालत ने कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले केंद्र सरकार और एक्स प्लेटफॉर्म का रुख जानना आवश्यक है। एकतरफा आदेश पारित नहीं किया जा सकता।
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समीक्षा समिति के पास जाने का मौका: हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को राहत देते हुए केंद्र सरकार की उस 'रिव्यू कमेटी' (समीक्षा समिति) के सामने अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है, जो सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक करने वाले आदेशों की जांच करती है।
'कॉकरोच जनता पार्टी' का उदय कैसे हुआ?
यह कोई पारंपरिक राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि एक व्यंग्यात्मक (Satirical) डिजिटल आंदोलन है। इसकी शुरुआत मई 2026 के मध्य में सुप्रीम कोर्ट में हुई एक सुनवाई के बाद हुई थी।
विवाद की जड़: सुप्रीम कोर्ट में जाली कानूनी डिग्रियों से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कुछ अनधिकृत तत्वों की तुलना "कॉकरोच" से की गई थी। हालांकि बाद में इस पर स्पष्टीकरण भी आया, लेकिन इंटरनेट जगत के युवाओं और मीमर्स ने इस शब्द को पकड़ लिया और 'कॉकरोच जनता पार्टी' नाम से एक पैरोडी आंदोलन खड़ा कर दिया।
देखते ही देखते यह प्लेटफॉर्म युवाओं और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच बेहद लोकप्रिय हो गया। इस अकाउंट से बेरोजगारी, पेपर लीक (जैसे NEET-UG विवाद), संस्थागत जवाबदेही और शिक्षा व्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दों पर तीखे मीम्स और व्यंग्य पोस्ट किए जाने लगे। दावों के मुताबिक, बहुत ही कम समय में इसके एक्स हैंडल पर लाखों और इंस्टाग्राम पर भारी संख्या में फॉलोअर्स जुड़ गए थे।
याचिकाकर्ता के आरोप: 'डिजिटल दमन'
अभिजीत दीपके की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने अदालत में दलील दी कि यह कार्रवाई अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला है। उनके मुख्य आरोप निम्नलिखित हैं:
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चौतरफा कार्रवाई: CJP का केवल एक्स अकाउंट ही ब्लॉक नहीं किया गया, बल्कि उनका इंस्टाग्राम पेज, बैकअप अकाउंट और आधिकारिक वेबसाइट को भी कथित तौर पर हटा दिया गया या हैक कर लिया गया।
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सक्रियता के कारण निशाना: याचिकाकर्ता का दावा है कि उनके मंच पर करीब 6 लाख लोगों ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग वाली याचिका पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तुरंत बाद यह कार्रवाई की गई।
आगे क्या होगा?
दिल्ली हाईकोर्ट ने भले ही तुरंत अकाउंट बहाल करने का आदेश नहीं दिया है, लेकिन अदालत ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। अब सरकार और सोशल मीडिया कंपनी को अदालत के सामने अपना लिखित जवाब दाखिल करना होगा। इस मामले की अगली सुनवाई में ही तय हो पाएगा कि डिजिटल माध्यमों पर राजनीतिक व्यंग्य और मीम्स बनाने वाले इस संगठन को अपनी बात रखने की दोबारा आज़ादी मिलती है या नहीं।
इस पूरे घटनाक्रम और कॉकरोच जनता पार्टी के अचानक प्रतिबंधित होने की कानूनी इनसाइट्स को गहराई से समझने के लिए आप
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