रश्मिका-विजय ने क्यों लगाया 'नजर बट्टू' ? शादी के बिच सबसे ज़्यादा बना चर्चा का विषय !
आंध्रा और कोडवा रीति-रिवाजों से हुई इस शादी में विजय पारंपरिक 'मंडू' और रश्मिका 'लक्ष्मीरूपा' अवतार में नजर आए। कपल के गालों पर लगा काला टीका आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, जिसे बुरी नजर से बचने और अपनी समृद्ध परंपराओं के प्रति सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है।
ग्लैमर पर भारी पड़ी आस्था ! रश्मिका-विजय की शादी में 'काले टीके' ने खींचा सबका ध्यान, क्या है इसके पीछे की वजह ?
दक्षिण भारतीय सिनेमा के सबसे चहेते कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा (Virosh) आखिरकार शादी के बंधन में बंध गए हैं। लंबे समय के इंतजार के बाद जब इस जोड़े की शादी की तस्वीरें सामने आईं, तो फैंस अपनी नजरें नहीं हटा पाए। लेकिन इन तस्वीरों में सबसे ज्यादा चर्चा जिस चीज की हो रही है, वह है इस पावर कपल के गालों पर लगा 'काला टीका'।
आंध्रा और कोडवा परंपराओं का अद्भुत संगम
विजय और रश्मिका की शादी किसी साधारण सेलिब्रिटी वेडिंग की तरह सिर्फ दिखावा नहीं थी, बल्कि इसमें जड़ों और परंपराओं का गहरा सम्मान दिखा। यह शादी आंध्रा और कोडवा (Kodava) रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न हुई।
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विजय का लुक: विजय देवरकोंडा ने अपने पारंपरिक लुक से सबका दिल जीत लिया। वह सफेद और सुनहरे बॉर्डर वाले पारंपरिक 'मंडू' (Mundu Angavastram) में नजर आए, जो उनकी सादगी और शालीनता को दर्शा रहा था।
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रश्मिका का लुक: वहीं, रश्मिका मंदाना लाल सुर्ख साड़ी और भारी पारंपरिक गहनों में साक्षात 'लक्ष्मीरूपा' लग रही थीं। उनके इस लुक ने पुरानी परंपराओं और आधुनिक ग्लैमर का एक बेहतरीन बैलेंस पेश किया।
गाल पर 'काला टीका': आस्था या परंपरा?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में सबसे ज्यादा ध्यान 'Virosh' के गालों पर लगे काले टीके ने खींचा। आमतौर पर ग्लैमर की दुनिया में लुक्स को लेकर बहुत सावधानी बरती जाती है, लेकिन इस कपल ने परंपरा को ऊपर रखा।

चर्चा की मुख्य वजहें:
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बुरी नजर से बचाव (Nazar Battu): दक्षिण भारतीय शादियों में यह मान्यता बहुत प्रबल है कि जब दूल्हा और दुल्हन अपनी सुंदरता के चरम पर होते हैं, तो उन्हें समाज की 'बुरी नजर' लग सकती है। इसी नजर से बचाने के लिए बुजुर्गों द्वारा गाल या कान के पीछे काला टीका लगाया जाता है।
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सादगी का संदेश: करोड़ों के गहने और डिजाइनर कपड़ों के बीच इस छोटे से काले टीके ने यह संदेश दिया कि आस्था और संस्कार किसी भी ग्लैमर से बड़े होते हैं।
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पारंपरिक रस्म: कुछ समुदायों में यह एक अनिवार्य रस्म का हिस्सा होता है, जहाँ दूल्हा-दुल्हन को मंडप में बैठने से पहले नजर उतारी जाती है।
फैंस का रिएक्शन: "संस्कार हो तो ऐसे"
जैसे ही ये तस्वीरें वायरल हुईं, इंटरनेट पर तारीफों की बाढ़ आ गई। फैंस का कहना है कि जहां आजकल की शादियां केवल इंस्टाग्राम रील्स के लिए होती हैं, वहीं विजय और रश्मिका ने अपनी संस्कृति को इतनी खूबसूरती से अपनाकर एक मिसाल पेश की है।
रश्मिका और विजय की शादी ने यह साबित कर दिया है कि आप सफलता की कितनी भी ऊंचाइयों पर क्यों न हों, अपनी जड़ों से जुड़ा रहना ही आपको खास बनाता है। 'Virosh' का यह काला टीका अब सोशल मीडिया पर 'ट्रेंड' बन चुका है।
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