सासन गीर और गिरनार जंगल सफारी अगले 4 महीनों के लिए पूरी तरह बंद !
वन्यजीव प्रेमियों के लिए जरूरी सूचना! मानसून और एशियाई शेरों के संवनन काल (Mating Season) को देखते हुए सासन गीर और गिरनार में जंगल सफारी 16 जून से 15 अक्टूबर तक बंद रहेगी।
सासन गीर और गिरनार वन्यजीव अभयारण्य से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अगर आप अगले कुछ महीनों में गुजरात के प्रसिद्ध गिर जंगलों में 'जंगल सफारी' का आनंद लेने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है।
वन विभाग के ताजा आदेश के अनुसार, सासन गीर और गिरनार अभयारण्य में 16 जून से अगले चार महीनों के लिए जंगल सफारी को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। यह प्रतिबंध 15 अक्टूबर तक लागू रहेगा। आइए विस्तार से जानते हैं कि वन विभाग को यह बड़ा कदम क्यों उठाना पड़ा और इसके पीछे क्या मुख्य कारण हैं।
सिसन गीर और गिरनार में सफारी बंद: मुख्य कारण
वन विभाग द्वारा लिया गया यह निर्णय कोई अचानक उठाया गया कदम नहीं है, बल्कि यह हर साल की एक बेहद जरूरी प्रक्रिया है। इस चार महीने के प्रतिबंध के पीछे निम्नलिखित मुख्य कारण हैं:
1. एशियाई शेरों (Asiatic Lions) का संवनन काल (Mating Season)
यह समय जंगलों के राजा यानी एशियाई शेरों के लिए बेहद संवेदनशील होता है। मानसून का मौसम शेरों का मुख्य संवनन काल (Mating Season) होता है।
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इस दौरान शेरों के व्यवहार में काफी बदलाव आता है और वे अधिक आक्रामक हो जाते हैं।
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वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, इस नाजुक समय में इंसानी दखल या सफारी वाहनों का शोर-शराबा वन्यजीवों के प्राकृतिक चक्र में बाधा डाल सकता है। इसलिए, उन्हें एक शांत और सुरक्षित माहौल देना वन विभाग की प्राथमिकता है।
2. पर्यटकों की सुरक्षा (Tourist Safety)
गुजरात में मानसून के दौरान भारी बारिश होती है। गिर और गिरनार के पहाड़ी और जंगली इलाकों में कई छोटी-बड़ी नदियां और नाले बहते हैं।
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भारी बारिश के कारण जंगलों की नदियां अचानक उफान पर आ जाती हैं और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो जाती है।
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कच्चे जंगली रास्ते बेहद फिसलन भरे और दलदली हो जाते हैं, जिससे सफारी वाहनों के फंसने या पलटने का खतरा बढ़ जाता है। पर्यटकों की जान को किसी भी तरह के जोखिम से बचाने के लिए सफारी पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
3. पर्यावरण और वन्यजीव सुरक्षा (Ecological Balance)
मानसून का समय प्रकृति के पुनर्जीवन का काल होता है। इस दौरान जंगल में नए पौधे उगते हैं और चारों तरफ हरियाली छा जाती है। सफारी वाहनों की आवाजाही बंद होने से जंगल के पर्यावरण को खुद को रीसेट करने का समय मिलता है। साथ ही, बारिश के मौसम में जंगल के अन्य छोटे-बड़े जीवों और उनके नवजात बच्चों को भी सुरक्षा मिलती है।
सफारी वाहनों पर पूरी तरह प्रतिबंध
16 जून से 15 अक्टूबर की इस अवधि के दौरान शासन गीर (Sasangir) और गिरनार (Girnar) दोनों ही क्षेत्रों में सफारी वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। किसी भी पर्यटक वाहन या निजी गाड़ी को सफारी रूट पर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
नोट: वन विभाग के पेट्रोलिंग वाहन और आपातकालीन सेवाएं इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगी ताकि वन्यजीवों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी न आए।
पर्यटकों के लिए सलाह और विकल्प
यदि आप इस दौरान गिर क्षेत्र की यात्रा करने वाले हैं या पहले से वहां मौजूद हैं, तो इस बात का ध्यान रखें:
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अल्टरनेटिव ऑप्शन (देव Identification): मुख्य जंगल सफारी बंद होने के बावजूद, पर्यटकों के लिए 'गीर व्याख्या केंद्र, देवालिया' (Devaliya Safari Park) एक अच्छा विकल्प हो सकता है। हालांकि, भारी बारिश के दिनों में देवालिया पार्क के समय और संचालन में भी मौसम के अनुसार बदलाव या अस्थाई रोक लगाई जा सकती है, इसलिए जाने से पहले स्थानीय वन विभाग की गाइडलाइंस जरूर चेक कर लें।
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एडवांस बुकिंग: जिन लोगों ने 16 जून के बाद की सफारी बुकिंग करा रखी थी, उनके रिफंड या कैंसिलेशन की प्रक्रिया वन विभाग के आधिकारिक पोर्टल के नियमों के अनुसार की जाएगी।
प्रकृति और वन्यजीवों का संरक्षण हमारी पहली जिम्मेदारी है। वन विभाग का यह फैसला भले ही पर्यटकों को थोड़ा निराश करे, लेकिन एशियाई शेरों के वंश को बढ़ाने और जंगल के पारिस्थितिक संतुलन (Ecological Balance) को बनाए रखने के लिए यह बेहद सराहनीय और आवश्यक कदम है। 15 अक्टूबर के बाद, जब मानसून विदा हो जाएगा और जंगल फिर से खिल उठेगा, तब एक बार फिर पर्यटक शेरों की दहाड़ सुनने के लिए गिर के जंगलों का रुख कर सकेंगे।
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