12 वर्षों के अटूट नेतृत्व के साथ पीएम मोदी ने रचा नया इतिहास !

लगातार 12 वर्षों तक देश की सेवा करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने सबसे लंबे समय तक निर्वाचित पीएम रहने का रिकॉर्ड बनाया।

12 वर्षों के अटूट नेतृत्व के साथ पीएम मोदी ने रचा नया इतिहास !

भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। लगातार 4,399 दिनों (12 साल 15 दिन) तक देश का नेतृत्व करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजाद भारत में सबसे लंबी अवधि तक लगातार चुने हुए प्रधानमंत्री रहने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के निर्वाचित कार्यकाल (4,398 दिन) के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।

26 मई 2014 को पहली बार शपथ लेने के बाद से लेकर अब तक (अपने तीसरे कार्यकाल में), पीएम मोदी के इन 12 वर्षों के सफर ने देश की राजनीति, अर्थव्यवस्था और वैश्विक छवि को पूरी तरह बदल कर रख दिया है।

आइए जानते हैं कि पीएम मोदी के इन 12 वर्षों के शासनकाल की प्रमुख उपलब्धियां क्या रही हैं:

1. कल्याणकारी योजनाएं और गरीब कल्याण (Garib Kalyan)

मोदी सरकार की नीतियों के केंद्र में 'अंत्योदय' यानी समाज के आखिरी व्यक्ति तक मदद पहुंचाना रहा है। संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक नीति मंचों के अनुसार, भारत ने पिछले एक दशक में लगभग 25 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी (Multi-dimensional Poverty) से बाहर निकाला है।

  • अन्न सुरक्षा: 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' (PMGKAY) के तहत देश के 80 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त राशन की सुविधा दी जा रही है।

  • स्वास्थ्य सुरक्षा: 'आयुष्मान भारत योजना' के जरिए देश के गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है, जो दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है।

  • आवास और स्वच्छता: 'PM आवास योजना' के तहत करोड़ों पक्के मकान बनाए गए और 'स्वच्छ भारत मिशन' के जरिए देश के कोने-कोने में शौचालय बनाकर महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा दी गई।

2. डिजिटल क्रांति और DPI (Digital Public Infrastructure)

भारत आज दुनिया का डिजिटल लीडर बनकर उभरा है। देश ने अपना खुद का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा किया है, जिसकी सराहना पूरी दुनिया कर रही है।

  • UPI और डिजिटल पेमेंट्स: आज भारत दुनिया में सबसे ज्यादा डिजिटल ट्रांजैक्शन करने वाला देश है। रेहड़ी-पटरी वालों से लेकर बड़े मॉल्स तक, UPI भारत की जीवनरेखा बन चुका है।

  • JAM ट्रिनिटी (Jan Dhan-Aadhaar-Mobile): जनधन खाते, आधार और मोबाइल को जोड़कर सरकार ने भ्रष्टाचार पर सीधी चोट की है। 'Direct Benefit Transfer' (DBT) के जरिए अब सरकारी मदद का ₹1-1 सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में बिना किसी बिचौलिए के पहुंचता है।

3. आर्थिक सुधार और बुनियादी ढांचा (Infrastructure)

पिछले 12 वर्षों में भारत "नाजुक पांच" (Fragile Five) अर्थव्यवस्थाओं की सूची से निकलकर दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और अब तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है।

  • टैक्स और व्यापार सुधार: 2017 में GST (वस्तु एवं सेवा कर) लागू कर पूरे देश को 'एक राष्ट्र, एक टैक्स' के सूत्र में पिरोया गया। इसके अलावा 'इज ऑफ डूइंग बिजनेस' और 'मेक इन इंडिया' जैसी पहलों से देश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिला।

  • तेज इंफ्रास्ट्रक्चर: नेशनल हाईवे का जाल दोगुना हो चुका है, रेलवे का तेजी से आधुनिकीकरण (वंदे भारत एक्सप्रेस और अमृत भारत स्टेशन) हुआ है, और एयरपोर्ट्स की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है।

4. राष्ट्रीय सुरक्षा और कड़े फैसले

पीएम मोदी के कार्यकाल को आंतरिक और बाहरी सुरक्षा के मोर्चे पर बेहद कड़े और ऐतिहासिक फैसले लेने के लिए जाना जाता है।

  • अनुच्छेद 370 का खात्मा: अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाकर उसे मुख्यधारा से जोड़ा गया, जिसके बाद वहां विकास और शांति के नए युग की शुरुआत हुई।

  • आतंकवाद पर कड़ा प्रहार: उरी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक और पुलवामा के बाद बालाकोट एयरस्ट्राइक ने भारत की 'रक्षा नीति' को रक्षात्मक से आक्रामक मोड में बदल दिया।

5. वैश्विक मंच पर मजबूत भारत और 'ग्लोबल साउथ' की आवाज

विदेशी मोर्चे पर आज भारत सिर्फ एक मूकदर्शक नहीं, बल्कि एक 'ग्लोबल एजेंडा सेटर' बन चुका है।

  • स्वतंत्र विदेश नीति: यूक्रेन-रूस संकट हो या पश्चिम एशिया का तनाव, भारत ने किसी भी दबाव में आए बिना हमेशा अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखा है।

  • जी-20 की ऐतिहासिक अध्यक्षता: भारत की अध्यक्षता में हुए G20 समिट ने अफ्रीकी संघ को इसका स्थायी सदस्य बनाकर भारत को 'ग्लोबल साउथ' (विकासशील देशों) की सबसे मजबूत आवाज के रूप में स्थापित किया।

आगे की राह - विकसित भारत 2047: 12 साल के इस ऐतिहासिक सफर को पूरा करने के बाद, अब मोदी सरकार का पूरा ध्यान 'विकसित भारत 2047' के रोडमैप पर है। इसका लक्ष्य आजादी के 100 साल पूरे होने तक भारत को एक पूरी तरह से विकसित, आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से समृद्ध राष्ट्र बनाना है, जिसमें सेमीकंडक्टर मिशन, एआई (AI), और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे भविष्य के सेक्टर्स अहम भूमिका निभाएंगे।