अयोध्या राम मंदिर में दान चोरी के आरोपों के बाद बदली व्यवस्था !
राम मंदिर में दान राशि को लेकर सामने आए विवाद के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और प्रशासन ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। अब मंदिर परिसर की सभी दान पेटियों से कैश निकालकर रोजाना सीसीटीवी और त्रि-स्तरीय निगरानी में गिनती की जा रही है।
राम मंदिर दान विवाद: चोरी के आरोपों के बाद बदली व्यवस्था, अब रोजाना होगी कैश की गिनती; 19 जून को सीएम योगी कर सकते हैं समीक्षा
अयोध्या के भव्य राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले दान और चंदे की राशि में कथित वित्तीय अनियमितताओं (दान चोरी) का मामला इन दिनों देश भर में सुर्खियों में है।
दान पेटियों की सुरक्षा और गिनती की बदली व्यवस्था
राम मंदिर में दान राशि के गबन और कथित कैश मिसमैच की शिकायतें सामने आने के बाद 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' ने चढ़ावे के प्रबंधन और उसकी गिनती की पूरी प्रक्रिया को बदल दिया है।
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रोजाना कैश की गिनती: राम मंदिर परिसर में करीब 40 दान पेटियां (Donation Boxes) रखी गई हैं।
नई व्यवस्था के तहत, मंदिर बंद होने के बाद रोज इन दान पेटियों से कैश निकाला जा रहा है और एक निर्धारित कमरे में उसकी दैनिक गिनती की जा रही है। वर्तमान में रोजाना करीब 18 से 20 लाख रुपये की नकदी की गणना की जा रही है। -
त्रि-स्तरीय निगरानी तंत्र: नकदी की गिनती की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए तीन अलग-अलग एजेंसियों को काम पर लगाया गया है।
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) द्वारा अधिकृत वाराणसी की एक निजी एजेंसी के 24 कर्मचारी नोटों के बंडल तैयार करते हैं, जिन पर ट्रस्ट के 12 अधिकारी सीधे नजर रखते हैं। इसके बाद तकनीकी संचालन संभालने वाली कंपनी टीसीएस (TCS) और एसबीआई के 14 अधिकारी सीसीटीवी कैमरों की कड़ी निगरानी में फाइनल काउंटिंग कर बैंक में पैसा जमा करते हैं। -
2021 से अब तक के रिकॉर्ड की जांच: मंदिर प्रबंधन और जांच एजेंसियां साल 2021 से लेकर अब तक के दान और बहीखातों (Ledgers) के सभी पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही हैं, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को जड़ से पकड़ा जा सके।
सरकार का बड़ा एक्शन: एसआईटी (SIT) का गठन
राम जन्मभूमि ट्रस्ट की औपचारिक मांग के बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है।
इस हाई-प्रोफाइल एसआईटी की कमान लखनऊ के मंडलायुक्त (IAS) विजय विश्वास पंत को सौंपी गई है।
19 जून को सीएम योगी आदित्यनाथ कर सकते हैं समीक्षा
इस पूरे घटनाक्रम के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 19 जून को अयोध्या का एक महत्वपूर्ण और संभावित दौरा होने जा रहा है।
माना जा रहा है कि इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री खुद राम मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था, एसआईटी (SIT) जांच की प्रगति और दान पेटियों के चढ़ावे को लेकर बनाई गई नई पारदर्शी व्यवस्था की उच्च स्तरीय समीक्षा भी कर सकते हैं।
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