नेट जीरो एमिशन, हाई-टेक सुविधा और शानदार कनेक्टिविटी—यही है जेवर की नई पहचान !

A new landmark of progress, a new sky to conquer. The Jewar story has just begun!

नेट जीरो एमिशन, हाई-टेक सुविधा और शानदार कनेक्टिविटी—यही है जेवर की नई पहचान !

जेवर एयरपोर्ट: उत्तर प्रदेश के विकास की नई उड़ान

भारत की राजधानी दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) केवल एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के आर्थिक उदय का प्रतीक है। यह प्रोजेक्ट न केवल यूपी, बल्कि पूरे उत्तर भारत की विकास गाथा को एक नई दिशा देने वाला है।

1. दुनिया का चौथा और एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट

जेवर एयरपोर्ट अपनी विशालता और आधुनिकता के मामले में दुनिया के चुनिंदा हवाई अड्डों में शुमार होने जा रहा है।

  • क्षेत्रफल: लगभग 5,000 हेक्टेयर में फैला हुआ।

  • रनवे: पूर्ण विकास के बाद इसमें कुल 6 रनवे होंगे।

  • क्षमता: शुरुआती चरण में 1.2 करोड़ यात्री सालाना, जो भविष्य में 7 करोड़ तक पहुंचेगी।


2. 'लॉजिस्टिक्स हब' के रूप में नई पहचान

जेवर एयरपोर्ट के कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश एक बड़े Industrial और Logistics Hub में तब्दील हो रहा है।

  • मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी: यह एयरपोर्ट यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ा है।

  • मेट्रो और बुलेट ट्रेन: एयरपोर्ट को दिल्ली से जोड़ने के लिए रैपिड रेल और मेट्रो का जाल बिछाया जा रहा है। यहाँ तक कि दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड ट्रेन का भी यहाँ एक प्रमुख स्टॉप होगा।

3. आर्थिक क्रांति और रोजगार के अवसर

इस प्रोजेक्ट ने निवेश के नए द्वार खोल दिए हैं। 'जेवर' के आसपास के क्षेत्रों में विकास की एक लहर दौड़ गई है:

  • फिल्म सिटी: पास ही बन रही भव्य फिल्म सिटी मनोरंजन उद्योग को बढ़ावा देगी।

  • रोजगार: स्थानीय युवाओं के लिए लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं।

  • रियल एस्टेट: ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे अथॉरिटी के क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की कीमतों और मांग में भारी उछाल आया है।

विशेष तथ्य: जेवर एयरपोर्ट भारत का पहला 'नेट जीरो एमिशन' (Net Zero Emission) एयरपोर्ट होगा, जो पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करेगा।


4. दिल्ली एयरपोर्ट का दबाव होगा कम

वर्तमान में दिल्ली का आईजीआई (IGI) एयरपोर्ट अपनी क्षमता के चरम पर है। जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने से:

  1. यात्रियों को लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी।

  2. घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए नए विकल्प मिलेंगे।

  3. उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के लोगों को दिल्ली जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

भविष्य की ओर एक कदम

जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने के सपने का मुख्य आधार है। यह न केवल हवाई यात्रा को सुगम बनाएगा, बल्कि उत्तर प्रदेश को वैश्विक मानचित्र पर 'ग्लोबल बिजनेस सेंटर' के रूप में स्थापित करेगा। यह सचमुच "विकास की एक नई गाथा" लिख रहा है।