रोहित शेट्टी फायरिंग केस में अंतरराष्ट्रीय साजिश का पर्दाफाश !

रोहित शेट्टी फायरिंग केस में नेपाल से जुड़े अंतरराष्ट्रीय फंडिंग के तार मिले हैं, जिसमें 'आगरा मॉड्यूल' के जरिए साजिश रचने का खुलासा हुआ है।मुंबई पुलिस ने इस मामले में 12 आरोपियों पर मकोका (MCOCA) लगाया है।

रोहित शेट्टी फायरिंग केस में अंतरराष्ट्रीय साजिश का पर्दाफाश !

रोहित शेट्टी फायरिंग केस: अंतरराष्ट्रीय साजिश का पर्दाफाश, नेपाल से जुड़े फंडिंग के तार और 'आगरा मॉड्यूल' का खुलासा

बॉलीवुड के दिग्गज निर्देशक रोहित शेट्टी (Rohit Shetty) के जुहू स्थित आवास पर हुई फायरिंग की घटना ने अब एक अंतरराष्ट्रीय रूप ले लिया है। मुंबई क्राइम ब्रांच की ताजा जांच में इस हमले के पीछे एक गहरी और सीमा पार की साजिश के संकेत मिले हैं। जांच में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए फंडिंग नेपाल (Nepal) के रास्ते भारत आई थी।

अंतरराष्ट्रीय साजिश और नेपाल कनेक्शन

पुलिस सूत्रों के अनुसार, रोहित शेट्टी के घर पर गोलियां बरसाने वाले शूटर्स को भुगतान करने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया गया था। जांच में पाया गया कि शूटर्स के बैंक खातों में जो पैसे जमा किए गए, उनका स्रोत नेपाल में छिपा है।

  • पेमेंट मोड: शूटर्स को सीधे बैंक खातों में पैसे भेजे गए थे।

  • ATM का खेल: इन खातों में नकदी अलग-अलग शहरों के विभिन्न ATM के जरिए जमा कराई गई थी, ताकि भेजने वाले की पहचान गुप्त रहे।

  • विदेशी हैंडलर: संदेह है कि नेपाल में बैठे किसी हैंडलर ने इस पूरी फंडिंग को मैनेज किया, जो सीधे तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के विदेशी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।


'आगरा मॉड्यूल' और गिरफ्तारियां

इस मामले में अब तक कुल 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ताजा जांच में 'आगरा मॉड्यूल' की भूमिका सबसे प्रमुख बनकर उभरी है। मुख्य शूटर दीपक शर्मा, जो आगरा का निवासी है, उसने पूछताछ में कबूला है कि उसे ₹3 लाख की सुपारी दी गई थी, जिसमें से ₹50,000 एडवांस के तौर पर मिले थे।

मामले के मुख्य बिंदु:

  1. मास्टरमाइंड: पुलिस ने शुभम लोनकर को इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड बताया है। शुभम ने ही सोशल मीडिया पर इस हमले की जिम्मेदारी ली थी।

  2. MCOCA का शिकंजा: मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई पुलिस ने आरोपियों पर सख्त मकोका (MCOCA) कानून लगा दिया है।

  3. मकसद: जांच के मुताबिक, इस हमले का मुख्य उद्देश्य फिल्म इंडस्ट्री में दहशत फैलाना और वर्चस्व कायम करना था।


रडार पर विदेशी नेटवर्क

मुंबई क्राइम ब्रांच अब उन डिजिटल पदचिह्नों (Digital Footprints) को खंगाल रही है, जिनके जरिए नेपाल से पैसे ट्रांसफर किए गए। पुलिस ने विभिन्न बैंकों से आरोपियों के खातों के पिछले 6 महीनों के ट्रांजैक्शन की डिटेल मांगी है। यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस फंडिंग के पीछे किसी अन्य देश की खुफिया एजेंसी या अंडरवर्ल्ड का हाथ तो नहीं।

"हम इस मामले के हर वित्तीय पहलू की जांच कर रहे हैं। नेपाल से जुड़े इन सुरागों ने इस केस को एक नई दिशा दी है। जल्द ही मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मदद ली जा सकती है।"मुंबई क्राइम ब्रांच अधिकारी

आगे क्या?

फिलहाल, मुख्य शूटर और उसके साथियों की पुलिस कस्टडी 4 मार्च 2026 तक बढ़ा दी गई है। रोहित शेट्टी की सुरक्षा पहले ही बढ़ा दी गई है और वह भारी सुरक्षा के बीच अपनी आगामी फिल्मों की शूटिंग जारी रखेंगे।