प्रधानमंत्री मोदी के एक निर्देश ने बदला वीआईपी कल्चर का चेहरा;अमित शाह और हर्ष संघवी भी जुड़े !

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सरकारी खर्च में कटौती और मितव्ययिता (Austerity) के लिए उठाए गए कदमों का असर अब व्यापक रूप से दिखने लगा है।

प्रधानमंत्री मोदी के एक निर्देश ने बदला वीआईपी कल्चर का चेहरा;अमित शाह और हर्ष संघवी भी जुड़े !

मितव्ययिता की मिसाल: पीएम मोदी के बाद अमित शाह और हर्ष संघवी ने भी उठाए बड़े कदम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने काफिले (Convoy) के आकार को आधा करने और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता देने के निर्देश के बाद, सत्ता के गलियारों में सादगी और संसाधनों के संरक्षण की एक नई लहर देखी जा रही है। प्रधानमंत्री की इस पहल का अनुसरण करते हुए गृह मंत्री अमित शाह और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।


अमित शाह ने काफिले में की 50% की कटौती

प्रधानमंत्री की "सात अपीलों" और आर्थिक अनुशासन के आह्वान के तुरंत बाद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपने आधिकारिक काफिले के आकार को घटाकर आधा से भी कम कर दिया है।

  • संसाधनों की बचत: गृह मंत्री ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों से समझौता किए बिना वाहनों की संख्या में कटौती की जाएगी ताकि ईंधन और सरकारी धन की बचत हो सके।

  • संदेश: उनका यह कदम अन्य मंत्रियों और अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के दौर में सरकारी संसाधनों का उपयोग अत्यंत सावधानी से किया जाना चाहिए।

हर्ष संघवी ने रद्द की अपनी अमेरिका यात्रा

गुजरात के उपमुख्यमंत्री और गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने प्रधानमंत्री की "विदेशी यात्राओं से बचने" की अपील का सम्मान करते हुए अपनी प्रस्तावित अमेरिका यात्रा रद्द कर दी है।

  • आर्थिक आत्मरक्षा: संघवी इस महीने के अंत में अमेरिका में आयोजित होने वाले 'फेडरेशन ऑफ गुजराती एसोसिएशन' (FOGAUSA) के सम्मेलन में भाग लेने वाले थे।

  • बयान: उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री ने देश की 'आर्थिक आत्मरक्षा' के लिए जो सात सूत्र दिए हैं, उनमें से एक गैर-जरूरी विदेशी यात्राओं को टालना भी है। एक जिम्मेदार नागरिक और जनप्रतिनिधि होने के नाते मैंने अपनी विदेश यात्रा रद्द करने का निर्णय लिया है।"

प्रमुख पहल और प्रभाव

प्रधानमंत्री की इस मुहिम के बाद देश भर में निम्नलिखित बदलाव देखे जा रहे हैं:

  1. इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर: पीएम मोदी ने काफिले में नए वाहन खरीदने के बजाय मौजूदा बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की संख्या बढ़ाने की इच्छा जताई है।

  2. राज्यों में असर: उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ और मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव जैसे नेताओं ने भी अपने काफिले कम करने के निर्देश दिए हैं।

  3. आम जन से अपील: सरकार का लक्ष्य केवल खुद कटौती करना नहीं है, बल्कि नागरिकों को भी सोना खरीदने, ईंधन बचाने और स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित करना है।


प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शुरू हुई यह 'मितव्ययिता मुहिम' न केवल राजकोषीय घाटे को कम करने में मदद करेगी, बल्कि सार्वजनिक जीवन में सादगी और उत्तरदायित्व के एक नए युग की शुरुआत भी मानी जा रही है।