पेट्रोल के निर्यात पर ₹3 प्रति लीटर टैक्स लगा:डीजल और जेट फ्यूल पर ड्यूटी घटाई !

सरकार ने देश में तेल की कमी को रोकने के लिए पेट्रोल के निर्यात (Export) पर ₹3 प्रति लीटर का नया टैक्स लगा दिया है। डीजल और हवाई ईंधन (ATF) पर भी टैक्स में बदलाव हुआ है।

पेट्रोल के निर्यात पर ₹3 प्रति लीटर टैक्स लगा:डीजल और जेट फ्यूल पर ड्यूटी घटाई !

पेट्रोल के निर्यात पर ₹3 प्रति लीटर टैक्स लगा: डीजल और जेट फ्यूल पर ड्यूटी घटाई, देश में किल्लत रोकने के लिए बड़ा फैसला

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जारी भारी उतार-चढ़ाव और वैश्विक संकट के बीच केंद्र सरकार ने देश में ईंधन की किल्लत को रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने स्थानीय तेल रिफाइनरियों द्वारा विदेशों में भेजे जाने वाले पेट्रोल के निर्यात (Export) पर पहली बार ₹3 प्रति लीटर का विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (विंडफॉल टैक्स) लगा दिया है। वहीं दूसरी ओर, घरेलू आपूर्ति को मजबूत बनाए रखने के लिए डीजल और जेट फ्यूल (ATF) पर लगने वाले निर्यात शुल्क में भारी कटौती की है।

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, टैक्स की यह नई दरें 16 मई से प्रभावी हो गई हैं।


क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?

सरकार का यह कदम देश के भीतर तेल की उपलब्धता को बनाए रखने के लिए उठाया गया है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के दाम ऊंचे होने के कारण भारतीय निजी तेल रिफाइनरियां घरेलू बाजार में तेल बेचने के बजाय विदेशों में निर्यात करके मोटा मुनाफा कमा सकती हैं।

इस प्रवृत्ति को रोकने और घरेलू पंपों पर ईंधन की किल्लत न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए पेट्रोल निर्यात को महंगा किया गया है। सरकार हर दो हफ्ते में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और रिफाइंड ईंधन की औसत कीमतों के आधार पर इन शुल्कों की समीक्षा करती है।


क्या हुआ है बदलाव?

  • पेट्रोल: पेट्रोल के निर्यात पर पहले टैक्स शून्य (Nil) था, जिसे अब बढ़ाकर ₹3 प्रति लीटर कर दिया गया है। हालांकि, पेट्रोल के निर्यात पर 'सड़क और बुनियादी ढांचा उपकर' (RIC) शून्य रहेगा।

  • डीजल: डीजल के निर्यात पर लगने वाले शुल्क को ₹23 प्रति लीटर से घटाकर अब ₹16.5 प्रति लीटर कर दिया गया है।

  • जेट फ्यूल (ATF): हवाई ईंधन यानी जेट फ्यूल के निर्यात पर लगने वाले टैक्स में भी बड़ी कटौती की गई है। इसे ₹33 प्रति लीटर से घटाकर सीधे ₹16 प्रति लीटर कर दिया गया है।

ध्यान दें: घरेलू स्तर पर कच्चे तेल के उत्पादन पर लगने वाले टैक्स (विंडफॉल टैक्स) में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है और इसे पहले की तरह ही बरकरार रखा गया है।


क्या आम जनता के लिए बदलेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?

नहीं, घरेलू बाजार में इसका कोई सीधा असर नहीं होगा।

वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह टैक्स और ड्यूटी में बदलाव केवल विदेशों में किए जाने वाले निर्यात (Export) पर लागू है। देश के भीतर स्थानीय पेट्रोल पंपों पर बिकने वाले ईंधन की कीमतों या उन पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

इसलिए आम उपभोक्ताओं की जेब पर इस फैसले का कोई असर नहीं पड़ेगा। यह कदम मुख्य रूप से रिलायंस इंडस्ट्रीज और नायरा एनर्जी जैसी बड़ी निजी रिफाइनरियों के निर्यात मार्जिन को नियंत्रित करने और देश के भीतर ईंधन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।