क्यों डूब रहा है शेयर बाजार? युद्ध का तनाव और विदेशी निवेशकों की बड़ी बिकवाली!
शेयर बाजार में मची हलचल! Sensex और Nifty में शुरुआती कारोबार में ही बड़ी गिरावट दर्ज की गई। क्या यह ग्लोबल टेंशन का असर है या विदेशी फंडों की निकासी? जानें बाजार गिरने के 4 बड़े कारण।
Share Market Live: भू-राजनीतिक तनाव और विदेशी फंडों की निकासी से शेयर बाजार धराशायी, सेंसेक्स 81,794 और निफ्टी 25,141 पर पहुंचा
नई दिल्ली/मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में आज (21 जनवरी 2026) शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट देखने को मिली।
बाजार का ताजा हाल
कारोबार की शुरुआत में 30 शेयरों वाला BSE सेंसेक्स 385.82 अंक टूटकर 81,794.65 के स्तर पर आ गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 91.50 अंक गिरकर 25,141 पर खुला। बाजार में इस गिरावट से निवेशकों के बीच अफरा-तफरी का माहौल है।
गिरावट के 4 मुख्य कारण
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, आज की गिरावट के पीछे निम्नलिखित प्रमुख कारण हैं:
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भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions): अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच ट्रेड वॉर (Tariff threats) की बढ़ती चिंताओं ने वैश्विक निवेशकों को डरा दिया है।
विशेष रूप से ग्रीनलैंड मुद्दे पर अमेरिका के सख्त रुख से ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता पैदा हुई है। -
विदेशी फंडों की निरंतर निकासी (FII Outflows): विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) लगातार भारतीय बाजार से अपना पैसा निकाल रहे हैं।
आंकड़ों के अनुसार, पिछले सत्र में विदेशी निवेशकों ने करीब 2,938 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची। -
अमेरिकी बाजार में गिरावट: वॉल स्ट्रीट (Wall Street) में रात भर चली बिकवाली का असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा। नैस्डैक (Nasdaq) और एसएंडपी 500 (S&P 500) में 2% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
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रुपये में कमजोरी: डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी दबाव में है, जो निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर रहा है। रुपया आज 91.07 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर खुला।
इन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा हलचल
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टॉप लूजर्स (Laggards): गिरावट वाले शेयरों में ICICI Bank, Trent, Bharat Electronics, L&T, HCL Tech और Infosys प्रमुख रहे।
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टॉप गेनर्स (Gainers): शुरुआती दबाव के बावजूद Tata Steel, Sun Pharma, Eternal और InterGlobe Aviation जैसे शेयरों में मामूली बढ़त देखी गई।
विशेषज्ञों की राय
बाजार के जानकारों का मानना है कि जब तक वैश्विक स्तर पर तनाव कम नहीं होता और विदेशी निवेशकों की बिकवाली नहीं रुकती, तब तक बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे इस गिरावट में जल्दबाजी में फैसला न लें और केवल गुणवत्ता वाले शेयरों (Quality Stocks) पर ही ध्यान केंद्रित करें।
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