जेजू आईलैंड... जहां जाकर फंस जाते हैं भारतीय पर्यटक !

जेजू आईलैंड की 'वीजा-फ्री' सुविधा का लाभ उठाने वाले भारतीय पर्यटक अक्सर अधूरी तैयारी और सख्त इमिग्रेशन नियमों के कारण एयरपोर्ट पर फंस रहे हैं। सुरक्षित यात्रा के लिए कन्फर्म रिटर्न टिकट, होटल बुकिंग और पर्याप्त फंड के प्रिंटेड दस्तावेज साथ रखना अनिवार्य है।

जेजू आईलैंड... जहां जाकर फंस जाते हैं भारतीय पर्यटक !

जेजू आईलैंड: खूबसूरत सपना या 'डिटेंशन' का डर?

साउथ कोरिया का जेजू आईलैंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता, ज्वालामुखी गुफाओं और शानदार बीच के लिए दुनिया भर में मशहूर है। भारतीयों के लिए यह इसलिए भी खास है क्योंकि यहां जाने के लिए अग्रिम वीजा (Advance Visa) की जरूरत नहीं होती। लेकिन यही 'वीजा-फ्री' सुविधा अब कई पर्यटकों के लिए मुसीबत बन रही है।

हाल ही में भारतीय इन्फ्लुएंसर सचिन अवस्थी और उनकी पत्नी के साथ हुई घटना ने सबको चौंका दिया। उन्हें जेजू एयरपोर्ट पर लगभग 38 घंटे तक हिरासत में रखा गया और फिर बिना किसी स्पष्ट कारण के वापस डिपोर्ट कर दिया गया।


भारतीय पर्यटक वहां क्यों फंस रहे हैं?

जेजू आईलैंड में एंट्री मिलना पूरी तरह से वहां के इमिग्रेशन अधिकारियों के विवेक (discretion) पर निर्भर करता है। भारतीय दूतावास के अनुसार, लोग इन कारणों से फंस जाते हैं:

  1. अस्पष्ट यात्रा योजना: अगर आप यह नहीं समझा पाते कि आप वहां क्या-क्या देखेंगे या आपका होटल कहां है, तो आपकी एंट्री रिजेक्ट हो सकती है।

  2. दस्तावेजों की कमी: केवल डिजिटल स्क्रीनशॉट दिखाना काफी नहीं है। इमिग्रेशन सख्त जांच करता है।

  3. वित्तीय क्षमता: अगर अधिकारी को लगता है कि आपके पास वहां रुकने और वापस आने के लिए पर्याप्त पैसे (Physical Cash या Bank Balance) नहीं हैं।

  4. मेनलैंड कोरिया जाने की कोशिश: जेजू का वीजा-फ्री नियम केवल उस द्वीप तक सीमित है। अगर आप वहां से सियोल या मेनलैंड साउथ कोरिया जाने की कोशिश करते हैं, तो यह गैरकानूनी माना जाता है।


सुरक्षित यात्रा के लिए जरूरी चेकलिस्ट (Mandatory Documents)

अगर आप जेजू जाने का प्लान कर रहे हैं, तो भारतीय दूतावास द्वारा सुझाए गए ये दस्तावेज प्रिंटेड फॉर्म में साथ रखें:

  • रिटर्न टिकट: कन्फर्म वापसी का टिकट।

  • होटल बुकिंग: पूरे स्टे के लिए होटल रिजर्वेशन की कॉपी।

  • डे-वाइज प्लान: हर दिन आप कहां जाएंगे, उसका पूरा विवरण (Itinerary)।

  • फंड का सबूत: बैंक स्टेटमेंट, इंटरनेशनल क्रेडिट कार्ड या पर्याप्त कैश।

  • पासपोर्ट: कम से कम 6 महीने की वैधता वाला पासपोर्ट।

  • ट्रैवल इंश्योरेंस: यह बेहद जरूरी है ताकि आपात स्थिति में आर्थिक मदद मिल सके।


क्या करें अगर आपको एंट्री न मिले?

यदि इमिग्रेशन अधिकारी आपकी एंट्री से संतुष्ट नहीं होते, तो आपको होल्डिंग एरिया (जिसे कई लोग जेल जैसा बताते हैं) में रखा जा सकता है। वहां से आपको उसी एयरलाइन की अगली उपलब्ध फ्लाइट से वापस भेजा जाएगा।

भारतीय दूतावास ने साफ किया है कि वे इमिग्रेशन के फैसलों को पलट नहीं सकते, लेकिन मदद के लिए संपर्क किया जा सकता है।

दूतावास हेल्पलाइन नंबर (Seoul): +82-2-792-4257 इमरजेंसी नंबर: +82-10-9356-4188