Gujarat: स्थानीय निकाय चुनाव के नामांकन की जांच में हजारों फॉर्म रद्द!
गुजरात में स्थानीय स्वराज्य चुनाव से पहले ही उम्मीदवारों को लगा बड़ा झटका। पहले ही दिन तालुका पंचायतों में 4453 और महानगर पालिकाओं में 575 फॉर्म खारिज।
गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव: नामांकन जांच के पहले दिन मची खलबली, हजारों फॉर्म हुए रद्द
गुजरात में स्थानीय स्वराज्य चुनाव की सरगर्मियां तेज हो गई हैं। नामांकन पत्रों की जांच (Scrutiny) के पहले ही दिन राज्य भर में उम्मीदवारों को बड़ा झटका लगा है। महानगर पालिकाओं से लेकर तालुका पंचायतों तक, दस्तावेज़ों की कमी और तकनीकी खामियों के चलते हजारों दावेदारों के फॉर्म रद्द कर दिए गए हैं।
महानगर पालिकाओं का हाल
राज्य की 15 महानगर पालिकाओं में पहले दिन कुल 575 नामांकन पत्र रद्द किए गए। इसमें सबसे ज्यादा असर दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र में देखने को मिला। सूरत महानगर पालिका में सबसे अधिक 155 फॉर्म रद्द हुए, जबकि भावनगर में 151 उम्मीदवारों के सपने टूट गए। इसके अलावा अहमदाबाद में 79, राजकोट में 55, वापी में 50, वडोदरा में 38, मोरबी में 23 और जामनगर में 7 फॉर्म खारिज किए गए हैं।
जिला पंचायतों में भारी कटौती
जिला पंचायत सीटों के लिए भी स्थिति चुनौतीपूर्ण रही। राज्य की जिला पंचायतों में कुल 1233 फॉर्म रद्द हुए हैं। सबसे अधिक प्रभावित जिलों में दाहोद (105 फॉर्म) और बनासकांठा (88 फॉर्म) शीर्ष पर रहे।
अन्य जिलों की बात करें तो आणंद और जूनागढ़ में 56-56 फॉर्म रद्द हुए। वहीं पंचमहाल में 49, वलसाड में 48, भावनगर में 47 और छोटा उदेपुर में 45 फॉर्म रिजेक्ट किए गए। तापी और जामनगर में 40-40, वडोदरा में 39, सूरत में 38 और कच्छ में 37 उम्मीदवारों के आवेदन रद्द हुए। मोरबी और नर्मदा में 36-36 जबकि देवभूमि द्वारका में 35 फॉर्म जांच में अमान्य पाए गए।
नगरपालिकाओं में कलोल सबसे आगे
कुल 84 नगरपालिकाओं के चुनावी मैदान में उतरे उम्मीदवारों में से 584 के फॉर्म रद्द हुए हैं। गांधीनगर की कलोल नगरपालिका में सबसे ज्यादा 73 फॉर्म रद्द किए गए। इसके बाद पालिताना में 47, अंजार में 41, अमरेली में 39, मुंद्रा में 38 और कडोदरा में 36 फॉर्म खारिज हुए। इसी तरह व्यारा में 26, ऊंझा में 24, पालनपुर में 20 और पाटन में 19 फॉर्म रद्द किए गए।
तालुका पंचायतों में सबसे बड़ा आंकड़ा
तालुका पंचायतों में उम्मीदवारों की संख्या सबसे अधिक थी, इसलिए यहाँ रद्द होने वाले फॉर्मों का आंकड़ा भी सबसे बड़ा है। 260 तालुका पंचायतों के लिए कुल 20,515 नामांकन भरे गए थे।
जांच के दौरान 4,453 फॉर्म रद्द कर दिए गए, जिसके बाद अब चुनावी मैदान में 16,034 उम्मीदवार शेष बचे हैं जिनके फॉर्म मान्य रखे गए हैं।
क्यों रद्द हुए इतने फॉर्म?
चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार, फॉर्म रद्द होने के पीछे मुख्य कारणों में शपथ पत्र (Affidavit) में अधूरी जानकारी देना, जाति प्रमाण पत्र या अन्य अनिवार्य दस्तावेजों की कमी और कुछ मामलों में संतान संबंधी नियमों का उल्लंघन शामिल है। इतनी बड़ी संख्या में नामांकन रद्द होने से कई सीटों पर अब राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं।
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