असम के जोरहाट से उड़ान भरने के बाद वायुसेना का AN-32 विमान क्रैश !

खराब मौसम और दुर्गम पहाड़ियों के बीच AN-32 विमान के क्रैश साइट पर वायुसेना और सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी।

असम के जोरहाट से उड़ान भरने के बाद वायुसेना का AN-32 विमान क्रैश !

असम के जोरहाट में बड़ा हादसा: इंडियन एयरफोर्स का AN-32 विमान क्रैश, तलाशी अभियान जारी

असम के जोरहाट से एक बेहद दुखद और बड़ी खबर सामने आ रही है। भारतीय वायुसेना (IAF) का एक AN-32 परिवहन विमान (Transport Aircraft) उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद लापता हो गया, जिसके बाद उसके क्रैश होने की पुष्टि हुई है। इस विमान में चालक दल के सदस्यों (Crew Members) समेत कुल 13 लोग सवार थे। इस हादसे के बाद से रक्षा मंत्रालय और वायुसेना में हड़कंप मच गया है।

कैसे और कब हुआ हादसा?

वायुसेना के सूत्रों के मुताबिक, AN-32 विमान ने असम के जोरहाट एयरबेस से दोपहर करीब 12:25 बजे अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम सियांग जिले के 'मेचुका एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड' के लिए उड़ान भरी थी।

  • आखिरी संपर्क: उड़ान भरने के ठीक 35 मिनट बाद, दोपहर लगभग 1:00 बजे विमान का ग्राउंड कंट्रोल और रडार से संपर्क पूरी तरह टूट गया।

  • क्रैश लोकेशन: विमान का मलबा अरुणाचल प्रदेश के घने पहाड़ी और जंगली इलाके में देखा गया है। खराब मौसम और दुर्गम रास्ता होने के कारण क्रैश की जगह तक पहुँचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू

विमान के लापता होते ही भारतीय वायुसेना ने बिना वक्त गंवाए एक व्यापक तलाशी और बचाव अभियान (Search and Rescue Operation) शुरू कर दिया है।

बचाव कार्य में शामिल ताकतें:

  • सुखोई-30 (Su-30 MKI) और C-130J विमानों को खोजी अभियान में लगाया गया है।

  • भारतीय सेना के Mi-17 और ALH (Advanced Light Helicopter) हेलीकॉप्टर लगातार क्रैश साइट के आसपास उड़ान भर रहे हैं।

  • जमीनी स्तर पर सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और स्थानीय प्रशासन की टीमें घने जंगलों में पैदल रास्ता बनाकर आगे बढ़ रही हैं।

विमान में सवार थे 13 लोग

इस अभागे विमान में वायुसेना के 8 क्रू मेंबर्स (चालक दल) और 5 यात्री (वायुसेना कर्मी) सवार थे। अभी तक विमान में सवार लोगों की स्थिति के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन क्रैश की भयावहता को देखते हुए गंभीर नुकसान की आशंका जताई जा रही है। रक्षा मंत्री ने वायुसेना प्रमुख से बात कर स्थिति की पूरी जानकारी ली है और लापता कर्मियों के परिवारों को सांत्वना दी है।

यह हादसा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और पूरा देश इस समय विमान में सवार जांबाजों की सलामती के लिए प्रार्थना कर रहा है। वायुसेना ने हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए 'कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी' के आदेश दे दिए हैं।