22 राज्यों तक पहुंचने के बाद मानसून की रफ्तार हुई धीमी !
क्या आपके शहर में आ गया मानसून? देश के 22 राज्यों में दस्तक देने के बाद मानसून की चाल पड़ी धीमी।
22 राज्यों तक पहुंचे मानसून की रफ्तार धीमी पड़ी: असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल में भारी बारिश का अलर्ट !
देश के 22 राज्यों को कवर करने के बाद अब दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार में थोड़ी कमी दर्ज की गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून के आगे बढ़ने की गति फिलहाल धीमी हो गई है, लेकिन कई राज्यों में मौसम के मिजाज में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, वहीं गुजरात और मध्य प्रदेश सहित 6 अन्य राज्यों में प्री-मानसून (Pre-Monsoon) बारिश का दौर जारी है।
पूर्वोत्तर और पूर्वी राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने असम, मेघालय और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
-
असम और मेघालय: इन दोनों राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने की आशंका जताई गई है।
-
पश्चिम बंगाल और सिक्किम: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कई हिस्सों में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslide) का खतरा बढ़ गया है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।
मानसून की वर्तमान स्थिति और धीमी रफ्तार
मानसून अब तक महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के अधिकांश हिस्सों सहित 22 राज्यों में दस्तक दे चुका है। हालांकि, मध्य और उत्तर भारत की ओर इसके बढ़ने की गति पिछले कुछ दिनों में धीमी पड़ गई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अनुकूल मौसम प्रणालियां (Weather Systems) मजबूत होने पर यह फिर से रफ्तार पकड़ेगा और जल्द ही उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात के बाकी हिस्सों को कवर करेगा।
6 राज्यों में प्री-मानसून गतिविधियों से राहत
मुख्य मानसून के पहुंचने से पहले, देश के 6 राज्यों में प्री-मानसून बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और हीटवेव से बड़ी राहत दी है।
-
गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश: इन राज्यों के कई जिलों में तेज हवाओं (आंधी) और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो रही है। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है जिससे मौसम सुहावना हो गया है।
-
उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा: उत्तर भारत के इन राज्यों में भी पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी बदलावों के कारण आंशिक बादल छाए हुए हैं और छिटपुट प्री-मानसून बारिश का सिलसिला जारी है।
किसानों के लिए क्या है सलाह?
मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने के बावजूद, कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपने खेतों में बुवाई की प्राथमिक तैयारियां पूरी रखें। जिन इलाकों में प्री-मानसून बारिश हो रही है, वहां किसान खेतों की जुताई कर सकते हैं ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे और मुख्य मानसून के आते ही खरीफ फसलों (जैसे धान, सोयाबीन, मूंगफली) की बुवाई सही समय पर शुरू की जा सके।
Matrimonial

BRG News 


