ऑपरेशन सिंदूर में शहीद हुए थे 6 भारतीय जवान, पहली बार सामने आए नाम !
कुछ कर्ज़ ऐसे होते हैं जिन्हें कोई देश कभी नहीं चुका सकता। 'ऑपरेशन सिंदूर' के 6 शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को यह कृतज्ञ राष्ट्र कभी नहीं भूलेगा।
ऑपरेशन सिंदूर: पहली बार सार्वजनिक हुए 6 वीर शहीदों के नाम, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में हुए दर्ज
मई 2025 में सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की ऐतिहासिक और बड़ी सैन्य कार्रवाई 'ऑपरेशन सिंदूर' (Operation Sindoor) में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले 6 जवानों के नाम भारत सरकार द्वारा पहली बार आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक किए गए हैं। इन वीर सपूतों में भारतीय सेना के 5 और भारतीय वायुसेना (IAF) का 1 जवान शामिल है। देश की रक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले इन नायकों के नाम अब नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (National War Memorial) में हमेशा के लिए अंकित कर दिए गए हैं।
क्या था 'ऑपरेशन सिंदूर'?
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक भीषण आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 25 पर्यटकों सहित निर्दोष नागरिकों की जान गई थी। इस कायराना हमले का कड़ा जवाब देने के लिए भारतीय सेना और वायुसेना ने संयुक्त रूप से 'ऑपरेशन सिंदूर' लॉन्च किया था। इस गुप्त और खतरनाक मिशन के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद किया गया था। इस दौरान हमारे छह जांबाज सैनिकों ने अपनी जान की बाजी लगाकर मिशन को सफल बनाया।
ऑपरेशन सिंदूर के 6 अमर बलिदानी
सरकार द्वारा जारी की गई आधिकारिक सूची के अनुसार, इस अभियान में शहादत देने वाले भारतीय सशस्त्र बलों के 6 जवान निम्नलिखित हैं:
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सूबेदार मेजर पवन कुमार – मुख्यालय 10 इन्फैंट्री ब्रिगेड
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राइफलमैन सुनील कुमार – 4 जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री
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लांस नायक दिनेश कुमार – 5 फील्ड रेजिमेंट
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हवलदार सुनील कुमार सिंह – 237 फील्ड वर्कशॉप कंपनी (बिहार के बक्सर के मूल निवासी)
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एविएशन टेक्नीशियन मूड मुरली नायक – 851 लाइट रेजिमेंट
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सार्जेंट सुरेंद्र कुमार – 39 विंग (भारतीय वायुसेना)
अदम्य साहस के लिए 2 जवानों को वीरता सम्मान
इस महा-ऑपरेशन में अपनी जान की परवाह किए बिना दुश्मनों के छक्के छुड़ाने वाले दो वीरों को मरणोपरांत प्रतिष्ठित सैन्य सम्मानों से नवाजा गया है:
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राइफलमैन सुनील कुमार (भारतीय सेना): युद्धभूमि में असाधारण शौर्य के लिए मरणोपरांत 'वीर चक्र'।
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सार्जेंट सुरेंद्र कुमार (भारतीय वायुसेना): हवाई मिशन में उत्कृष्ट साहस के लिए मरणोपरांत 'वायु सेना पदक (वीरता)'।
(नोट: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा हाल ही में रक्षा अलंकरण समारोह के दौरान यह सम्मान शहीदों के परिजनों को सौंपा गया था।)
वॉर मेमोरियल के 'त्याग चक्र' में दर्ज हुए नाम
इन छह शहीदों के नाम अब आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की वेबसाइट के 'रोल ऑफ ऑनर' में शामिल कर लिए गए हैं। इसके साथ ही, युद्ध स्मारक के 'त्याग चक्र' की वॉल 3D (2025 सेक्शन) पर इन वीरों के नाम सुनहरे अक्षरों में उकेरे गए हैं।
इन नामों को सार्वजनिक किए जाने से ऑपरेशन सिंदूर की गंभीरता, तीनों सेनाओं के आपसी तालमेल और हमारे जवानों के अदम्य साहस की आधिकारिक पुष्टि हुई है, ताकि आने वाली पीढ़ियां इस सर्वोच्च बलिदान को सदैव याद रख सकें। संपूर्ण देश इन जांबाजों की वीरता को नमन करता है।
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