पीएम को झालमुड़ी खिलाई... अब मिली CRPF सुरक्षा !
पीएम मोदी को झालमुड़ी खिलाने के बाद विदेशी नंबरों से मिली धमकियों के कारण दुकानदार बिक्रम साऊ को कड़ी सीआरपीएफ (CRPF) सुरक्षा दी गई है।
पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने हाथों से झालमुड़ी खिलाकर चर्चा में आए दुकानदार बिक्रम साऊ (विक्रम) को प्रशासन की तरफ से कड़ी सुरक्षा मुहैया कराई गई है। एक छोटी सी मुलाकात के बाद रातों-रात देश भर में मशहूर हुए बिक्रम के लिए यही प्रसिद्धि अब बड़ी मुसीबत बन गई है, जिसके बाद सुरक्षा बलों को उनकी रक्षा में तैनात करना पड़ा है।
आइए जानते हैं कि उन्हें यह सुरक्षा क्यों मिली और इसका पूरा खर्च कौन उठाएगा।
सुरक्षा मिलने की असली वजह
पीएम मोदी से मुलाकात के बाद बिक्रम साऊ को पाकिस्तान और बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय नंबरों से लगातार धमकी भरे कॉल्स और व्हाट्सएप मैसेज आ रहे हैं।
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धमकी का कारण: कॉल करने वाले उन्हें पीएम मोदी को झालमुड़ी खिलाने और उनसे जुड़ने के कारण निशाना बनाने की बात कह रहे हैं।
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बम से उड़ाने की धमकी: बिक्रम के अनुसार, उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने और बम से उड़ाने की गंभीर धमकियां मिली हैं, जिससे उनका पूरा परिवार बेहद डरा हुआ है।
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प्रशासन का एक्शन: शिकायत दर्ज होने के बाद मामले की गंभीरता और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत एक्शन लिया। बिक्रम की दुकान और आवास के आसपास CRPF (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) और स्थानीय पुलिस के जवानों को तैनात कर दिया गया है।
कौन उठाएगा सुरक्षा का पूरा खर्च?
जब भी किसी आम नागरिक को पुलिस या केंद्रीय बलों (जैसे CRPF) की सुरक्षा दी जाती है, तो उसके खर्च को लेकर नियम बिल्कुल तय होते हैं:
सरकारी खजाना (Government Exchequer) उठाएगा खर्च: चूंकि बिक्रम साऊ को यह सुरक्षा किसी वीआईपी दर्जे या निजी अनुरोध (Private Request) पर नहीं, बल्कि आधिकारिक थ्रेट परसेप्शन (Threat Perception - जान का खतरा) के आधार पर दी गई है, इसलिए इसका पूरा खर्च सरकार उठाएगी।
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प्रोटोकॉल के तहत फ्री सुरक्षा: जब देश की खुफिया एजेंसियां या स्थानीय पुलिस यह मानती है कि किसी नागरिक की जान को असाधारण खतरा (जैसे विदेशी नंबरों से धमकी) है, तो राज्य और केंद्र सरकार नागरिक की सुरक्षा के लिए अपने फंड से जवानों की तैनाती करती है।
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दुकानदार पर कोई वित्तीय बोझ नहीं: बिक्रम साऊ एक बेहद साधारण दुकानदार हैं। नियमों के मुताबिक, सुरक्षा के इस पूरे तामझाम और जवानों की तैनाती के लिए उन्हें अपनी जेब से एक भी रुपया नहीं देना होगा।
क्या था पूरा मामला?
पश्चिम बंगाल में चुनावी रैली के दौरान पीएम मोदी ने सुरक्षा प्रोटोकॉल को किनारे रखते हुए झाड़ग्राम में अचानक गाड़ी रुकवाई थी और बिक्रम की दुकान से ₹10 की झालमुड़ी खरीदकर खाई थी। इस दौरान पीएम मोदी ने अपनी जेब से पैसे निकालकर दिए थे, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल हुआ था।
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