क्या फिर निशाने पर था लाल किला ? जानें शब्बीर लोन की पूरी कुंडली
लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी शब्बीर लोन ISI की मदद से दिल्ली के लाल किले को दहलाने की बड़ी साजिश रच रहा था।
कौन है आतंकी शब्बीर लोन? लाल किला था जिसके निशाने पर, जानें ISI की खौफनाक साजिश
भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बार फिर आतंक के खिलाफ बड़ी जीत हासिल की है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर शब्बीर अहमद लोन को बांग्लादेश सीमा के पास से दबोच लिया है। यह वही शख्स है जो पिछले कई महीनों से भारत के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, विशेषकर दिल्ली के लाल किले को निशाना बनाने की योजना बना रहा था।
कौन है शब्बीर अहमद लोन?
शब्बीर अहमद लोन जम्मू-कश्मीर का रहने वाला है और लश्कर-ए-तैयबा का एक प्रशिक्षित आतंकी है।
-
पुराना इतिहास: इसे पहली बार साल 2007 में हथियारों और विस्फोटकों के साथ दिल्ली पुलिस ने ही गिरफ्तार किया था।
-
जमानत और फरार: साल 2019 में कोर्ट से जमानत मिलने के बाद वह चकमा देकर बांग्लादेश (ढाका) भाग गया।
-
ISI का मोहरा: ढाका में बैठकर वह सीधे तौर पर ISI और लश्कर के आकाओं के संपर्क में था और वहां से भारत में आतंकी मॉड्यूल संचालित कर रहा था।
लाल किला और दिल्ली पर हमले की प्लानिंग
जांच में खुलासा हुआ है कि शब्बीर लोन का मुख्य लक्ष्य दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास एक बड़ा धमाका करना था।
-
रेकी और वीडियो: उसके पास से दिल्ली के कई संवेदनशील इलाकों के वीडियो और तस्वीरें मिली हैं।
-
स्लीपर सेल का नेटवर्क: उसने तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और दिल्ली में युवाओं को बरगलाकर एक 'स्लीपर सेल' तैयार किया था। हाल ही में गिरफ्तार किए गए 8 संदिग्धों से पूछताछ में पता चला कि वे सभी शब्बीर के ही निर्देश पर काम कर रहे थे।
-
हथियारों की सप्लाई: शब्बीर का काम केवल साजिश रचना नहीं, बल्कि सीमा पार से हथियारों और फंड की व्यवस्था करना भी था।
ISI और 'वाइट कॉलर टेररिज्म' का कनेक्शन
शब्बीर लोन के इस मॉड्यूल में सबसे चौंकाने वाली बात शिक्षित युवाओं का शामिल होना है। हाल ही में लाल किले के पास हुए एक विस्फोट (नवंबर 2025) में शामिल डॉ. उमर उन नबी जैसे शिक्षित लोग भी इसी नेटवर्क से प्रभावित थे। शब्बीर लोन और उसके आका सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर उन्हें 'फिदायीन' हमलों के लिए तैयार कर रहे थे।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद कुशवाहा और उनकी टीम) पिछले दो महीनों से एक गुप्त ऑपरेशन चला रही थी। शब्बीर को पकड़ने के लिए कोलकाता से लेकर बांग्लादेश सीमा तक जाल बिछाया गया था। अंततः सुरक्षा एजेंसियों ने उसे उस समय धर दबोचा जब वह फिर से भारत में घुसपैठ करने या किसी बड़े निर्देश को अंजाम देने की फिराक में था।
शब्बीर अहमद लोन की गिरफ्तारी भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे न केवल दिल्ली में होने वाले संभावित हमलों को टाल दिया गया है, बल्कि ISI के उस पूरे नेटवर्क का भी पर्दाफाश हो गया है जो बांग्लादेश के रास्ते भारत में अस्थिरता फैलाना चाहता था।
Matrimonial

BRG News 


