खान सर की गिरफ्तारी पर कोर्ट का 'फुल स्टॉप' !

मशहूर शिक्षक खान सर को पटना सिविल कोर्ट से मिली बड़ी राहत! कोचिंग सेंटर के बाहर हुई फायरिंग और तोड़फोड़ के मामले में कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है।

खान सर की गिरफ्तारी पर कोर्ट का 'फुल स्टॉप' !

खान सर को पटना सिविल कोर्ट से बड़ी राहत: फायरिंग और तोड़फोड़ मामले में गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक

पटना के मशहूर शिक्षक और 'खान ग्लोबल स्टडीज' (KGS) के संस्थापक फैजल खान, जिन्हें दुनिया 'खान सर' के नाम से जानती है, उन्हें कोर्ट से बहुत बड़ी राहत मिली है। पटना सिविल कोर्ट ने कोचिंग सेंटर के बाहर हुई हवाई फायरिंग और तोड़फोड़ के मामले में उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है।

अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया है कि मामले की अगली सुनवाई तक खान सर के खिलाफ कोई भी दंडात्मक या दमनकारी कार्रवाई (coercive action) न की जाए। कोर्ट ने पुलिस से इस मामले की 'केस डायरी' और सबूत भी तलब किए हैं।

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा विवाद 2 जून की रात का है, जब पटना के कदमकुआं थाना क्षेत्र में स्थित खान सर के कोचिंग संस्थान 'खान ग्लोबल स्टडीज' पर 15-20 अज्ञात बदमाशों ने हमला कर दिया था। इस दौरान वहां जमकर पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और पोस्टर फाड़े जाने की घटना हुई।

शुरुआती जांच और सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद मामला पूरी तरह पलट गया:

  • वायरल वीडियो की मार: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें खान सर के कोचिंग संस्थान के दो सुरक्षा गार्ड कथित तौर पर बंदूक से हवाई फायरिंग करते नजर आए।

  • पुलिस की कार्रवाई: पुलिस ने वीडियो के आधार पर आर्म्स एक्ट और जानलेवा हमले की धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की और दोनों सुरक्षा गार्डों को गिरफ्तार कर लिया, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

  • आरोपी बने खान सर: जांच का दायरा बढ़ने पर पटना पुलिस ने इस एफआईआर में खान सर को भी सह-आरोपी बना दिया, जिसके बाद से उनकी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी।

कोर्ट में क्या दलीलें दी गईं?

गिरफ्तारी की आशंका के बीच खान सर के वकील अरविंद कुमार महुआर ने पटना सिविल कोर्ट में ऑनलाइन अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) याचिका दायर की थी।

  • वकील का दावा: खान सर के पक्ष ने अदालत में दलील दी कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है। यह उनके संस्थान की छवि को खराब करने और उन्हें बदनाम करने की एक "सोची-समझी साजिश" का हिस्सा है।

  • अदालत का फैसला: कोर्ट ने दलीलों को सुनने के बाद खान सर को प्रोटेक्शन जमानत (Interim Protection) दे दी। हालांकि, कोर्ट ने साफ किया है कि जांच एजेंसियां उनसे पूछताछ जारी रख सकती हैं और खान सर को पुलिस जांच में पूरा सहयोग करना होगा।

कोचिंग सेंटर्स की आपसी दुश्मनी?

इस घटना के पीछे पटना के दो बड़े कोचिंग संस्थानों की आपसी प्रतिद्वंद्विता (Rivalry) सामने आ रही है।

खान सर ने शुरुआत में आरोप लगाया था कि उनके संस्थान पर हमला 'ज्ञान बिंदु कोचिंग इंस्टीट्यूट' के संचालक रौशन आनंद और उनके सहयोगियों ने करवाया है। इस मामले में पुलिस रौशन आनंद सहित तीन लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। दूसरी तरफ, विरोधी गुट का आरोप है कि खान सर ने खुद को लाइमलाइट में रखने के लिए यह पूरी घटना खुद ही स्क्रिप्ट की थी।

फिलहाल, इस राहत के बाद खान सर के समर्थकों और छात्रों ने बड़ी राहत की सांस ली है, क्योंकि अब केस डायरी पेश होने और अगली सुनवाई तक पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पाएगी।