मिडिल ईस्ट में जंग के बीच संकट में बांग्लादेश, भारत करेगा दिल खोलकर मदद, भेजेगा 5000 टन तेल !

मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के बीच जब बांग्लादेश में ऊर्जा का संकट गहराया, तो भारत ने दोस्ती का हाथ बढ़ाया है। 5000 टन डीजल की खेप पाइपलाइन के जरिए बांग्लादेश रवाना कर दी गई है।

मिडिल ईस्ट में जंग के बीच संकट में बांग्लादेश, भारत करेगा दिल खोलकर मदद, भेजेगा 5000 टन तेल !

मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में जारी युद्ध और तनाव के बीच दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहरा गया है। इस संकट की घड़ी में भारत ने अपने पड़ोसी देश बांग्लादेश की ओर मदद का हाथ बढ़ाया है। आज यानी 10 मार्च 2026 को भारत से 5,000 टन डीजल की पहली बड़ी खेप पाइपलाइन के जरिए बांग्लादेश पहुँच रही है।

1. पाइपलाइन के जरिए सीधी मदद

यह डीजल असम की नुमालीगढ़ रिफाइनरी (NRL) से भेजा जा रहा है। यह भारत-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन (IBFPL) के जरिए बांग्लादेश के पारबतीपुर (Parbatipur) डिपो तक पहुँचेगा। पाइपलाइन के इस्तेमाल से न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि परिवहन की लागत भी काफी कम हो गई है।

2. द्विपक्षीय समझौते का हिस्सा

यह आपूर्ति दोनों देशों के बीच हुए एक दीर्घकालिक ऊर्जा समझौते का हिस्सा है।

  • वार्षिक लक्ष्य: भारत हर साल बांग्लादेश को पाइपलाइन के माध्यम से 1,80,000 टन डीजल की आपूर्ति करेगा।

  • तत्काल राहत: बांग्लादेश ने अगले चार महीनों में इस पाइपलाइन के जरिए अतिरिक्त 50,000 टन डीजल की मांग की है, ताकि युद्ध के कारण पैदा हुए संकट से निपटा जा सके।

3. बांग्लादेश में गहराता संकट

मिडिल ईस्ट में तनाव और 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) के प्रभावित होने के कारण बांग्लादेश में ईंधन की भारी किल्लत हो गई है:

  • बांग्लादेश में डीजल का स्टॉक केवल दो हफ्ते का बचा था।

  • सरकार ने ईंधन की बर्बादी रोकने के लिए पेट्रोल पंपों पर राशनिंग लागू कर दी है (जैसे बाइक के लिए 2 लीटर और कारों के लिए सीमित मात्रा)।

  • जमाखोरी रोकने के लिए देश भर में 'मोबाइल कोर्ट' के जरिए छापेमारी की जा रही है।

4. भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति

भारत की यह पहल उसकी 'नेबरहुड फर्स्ट' (पड़ोसी पहले) नीति का एक ठोस उदाहरण है। जब वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें अस्थिर हैं और सप्लाई चेन बाधित है, तब भारत अपने मित्र देश को ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद कर रहा है।