बिजली संकट या नया इतिहास; बिजली की मांग 256 GW पार: देश में मची खलबली !

भारत में भीषण गर्मी के कारण बिजली की खपत ने सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। शनिवार को देश की कुल बिजली मांग पहली बार 256.11 GW के ऐतिहासिक स्तर पर पहुँच गई.

बिजली संकट या नया इतिहास;  बिजली की मांग 256 GW पार: देश में मची खलबली !

रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, रिकॉर्ड तोड़ डिमांड: भारत में पहली बार बिजली की मांग 256 GW के पार

भारत में इस साल अप्रैल के महीने में ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। भीषण हीटवेव (Heatwave) के कारण घरों और दफ्तरों में एयर कंडीशनर (AC) और कूलिंग उपकरणों के अत्यधिक उपयोग ने देश की बिजली ग्रिड पर भारी दबाव डाल दिया है। ऊर्जा मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, शनिवार दोपहर 3:38 बजे बिजली की मांग 256.11 गीगावाट (GW) के ऑल-टाइम हाई पर रही।

मांग में अचानक उछाल के मुख्य कारण

  1. तापमान में वृद्धि: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस तक अधिक दर्ज किया गया है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में तापमान 42-45°C के बीच बना हुआ है।

  2. कूलिंग लोड: भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए एसी और डेजर्ट कूलर का इस्तेमाल पिछले साल के मुकाबले काफी बढ़ गया है।

  3. आर्थिक गतिविधियां: औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों में बढ़ती मांग ने भी इस रिकॉर्ड स्तर को छूने में योगदान दिया है।

पिछले रिकॉर्ड्स बनाम वर्तमान स्थिति

बिजली की मांग में यह उछाल चौंकाने वाला है क्योंकि इसने महज 24 घंटों के भीतर अपने ही पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया:

  • 25 अप्रैल 2026: 256.11 GW (नया रिकॉर्ड)

  • 24 अप्रैल 2026: 252.07 GW

  • मई 2024: 250 GW (पिछला उच्चतम स्तर)

विशेषज्ञों की राय: ग्रिड कंट्रोलर ऑफ इंडिया के अनुसार, मांग और खपत में यह वृद्धि अभी केवल शुरुआत हो सकती है। अनुमान है कि मई और जून के महीनों में, जब गर्मी अपने चरम पर होगी, यह मांग 270 GW के आंकड़े को भी छू सकती है।

ग्रिड प्रबंधन और सरकारी तैयारी

इतनी भारी मांग के बावजूद, ग्रिड स्थिर बना हुआ है। सरकार ने निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं:

  • थर्मल पावर का सहारा: कोयला आधारित बिजली संयंत्रों के मेंटेनेंस (रखरखाव) को जून 2026 तक टाल दिया गया है ताकि सभी इकाइयां पूरी क्षमता से काम कर सकें।

  • रिन्यूएबल एनर्जी: सोलर और विंड पावर ने दिन के समय ग्रिड को संभालने में बड़ी भूमिका निभाई है। शनिवार को सौर ऊर्जा उत्पादन भी 657 मिलियन यूनिट के रिकॉर्ड स्तर पर रहा।

  • ईरान-इजराइल संघर्ष का असर: खाड़ी देशों में तनाव के कारण गैस की आपूर्ति में कुछ बाधाएं हैं, जिसके चलते गैस आधारित पावर प्लांट (8-10 GW) पूरी क्षमता से नहीं चल पा रहे हैं। इसकी भरपाई के लिए कोयले और पनबिजली (Hydro Power) का अधिक उपयोग किया जा रहा है।

बिजली की इस रिकॉर्ड मांग ने भारत के ऊर्जा बुनियादी ढांचे की मजबूती को साबित किया है, लेकिन साथ ही भविष्य की चुनौतियों की ओर भी इशारा किया है। आने वाले हफ्तों में उत्तर भारत में लू का प्रकोप और बढ़ने की संभावना है, जिससे पावर ग्रिड की असली परीक्षा होगी।