विदेशी जमीन पर भारत की महक;PM मोदी के 'खास' गिफ्ट्स !
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पांच देशों की यात्रा के दौरान विदेशी राष्ट्राध्यक्षों को भारत के अनूठे उपहार जैसे केसर आम, मधुबनी पेंटिंग और मूगा सिल्क स्टोल भेंट किए।
पाँच देशों की यात्रा में पीएम मोदी ने दिए भारतीय संस्कृति की महक समेटे खास उपहार
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी अपनी हालिया पाँच देशों की विदेश यात्रा के दौरान न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के इरादे से गए, बल्कि उन्होंने वैश्विक मंच पर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक शिल्पकला का भी शानदार प्रदर्शन किया। अपनी इस यात्रा में पीएम मोदी ने विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों को भारत के कोने-कोने से चुने गए बेहद खास और अनूठे उपहार भेंट किए।
इन उपहारों की सूची में गुजरात का रसीला केसर आम, बिहार की विश्व प्रसिद्ध मधुबनी पेंटिंग और असम का शाही मूगा सिल्क स्टोल मुख्य आकर्षण रहे।
भारतीय धरोहर और उपहारों का अनूठा संगम
पीएम मोदी द्वारा दिए गए इन उपहारों के पीछे भारत की 'वोकल फॉर लोकल' और 'एक जिला, एक उत्पाद' (ODOP) की झलक साफ दिखाई देती है। आइए जानते हैं इन खास उपहारों की खासियत:
1. गुजरात का 'केसर आम' (Kesar Mango)
भारत को आमों का राजा कहा जाता है, और जब बात गुजरात के गिर क्षेत्र के केसर आम की हो, तो इसका स्वाद और खुशबू लाजवाब होती है। पीएम मोदी ने विदेशी नेताओं को भारत के इस बेहतरीन स्वाद से रूबरू कराया। इसे भारत की मिठास और आतिथ्य सत्कार के प्रतीक के रूप में भेंट किया गया।
2. बिहार की 'मधुबनी पेंटिंग' (Madhubani Painting)
बिहार के मिथिलांचल की सदियों पुरानी इस कला ने विदेशी मेहमानों का दिल जीत लिया। प्राकृतिक रंगों और उंगलियों, टहनियों या माचिस की तीलियों से बनाई जाने वाली यह पेंटिंग भारतीय लोक कला की जीवंतता को दर्शाती है। पीएम मोदी द्वारा उपहार में दी गई पेंटिंग में अक्सर प्रकृति, भगवान और आपसी सद्भाव के दृश्यों को उकेरा गया था, जो शांति और सह-अस्तित्व का संदेश देता है।
3. असम का 'मूगा सिल्क स्टोल' (Muga Silk Stole)
असम का मूगा सिल्क अपनी प्राकृतिक सुनहरी चमक और मजबूती के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यह सिल्क जितना पुराना होता है, इसकी चमक उतनी ही बढ़ती जाती है। राष्ट्राध्यक्षों को भेंट किया गया यह स्टोल भारत की वस्त्र कला के बेहतरीन कौशल और पूर्वोत्तर भारत की समृद्ध परंपरा का प्रतिनिधित्व करता है।
उपहारों के माध्यम से 'सांस्कृतिक कूटनीति' (Cultural Diplomacy)
कूटनीति में उपहारों का आदान-प्रदान महज एक औपचारिकता नहीं होता, बल्कि यह दो देशों के बीच संबंधों की गहराई को दर्शाता है। पीएम मोदी की इस पांच देशों की यात्रा के दौरान दिए गए अन्य उपहारों में भी भारत की विविधता साफ नजर आई:
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हस्तशिल्प और नक्काशी: कई नेताओं को लकड़ी और धातु पर की गई बारीक नक्काशी वाले स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।
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स्थानीय विशेषताएँ: भारत के अलग-अलग राज्यों (जैसे उत्तर प्रदेश के इत्र, राजस्थान की मीनाकारी और दक्षिण भारत के मसाले) की झलक भी इन उपहारों के माध्यम से वैश्विक मंच पर पहुँची।
एक संदेश: ये उपहार सिर्फ वस्तुएं नहीं हैं, बल्कि यह विदेशी जमीन पर भारत के कुशल कारीगरों, बुनकरों और किसानों की मेहनत का सम्मान है। इसके जरिए पीएम मोदी ने भारत की 'सॉफ्ट पावर' (Soft Power) को और मजबूत किया है।
यात्रा का महत्व
इस पांच देशों की यात्रा ने न केवल रणनीतिक, व्यापारिक और भू-राजनीतिक मोर्चों पर भारत की स्थिति को मजबूत किया, बल्कि सांस्कृतिक स्तर पर भी दुनिया को भारत के और करीब लाया। केसर आम की मिठास, मूगा सिल्क की चमक और मधुबनी के रंगों ने निश्चित रूप से विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के दिलों पर भारत की एक अमिट छाप छोड़ी है।
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