BCA: चुनाव नतीजों पर फिर लगा ब्रेक,हाईकोर्ट ने ख़ारिज की अर्जी !

BCA चुनाव मामले में गुजरात हाईकोर्ट ने एक गुट की याचिका खारिज कर दी है, जिससे चुनाव परिणामों पर लगा 'स्टे' और अनिश्चितता फिलहाल बरकरार है। यह मामला अब हाईकोर्ट की डबल बेंच के पास लंबित है, जिसके अंतिम फैसले के बाद ही परिणामों की घोषणा और नए पदाधिकारियों का चयन हो सकेगा।

BCA: चुनाव नतीजों पर फिर लगा ब्रेक,हाईकोर्ट ने ख़ारिज की अर्जी !

BCA चुनाव विवाद: गुजरात हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका, परिणामों पर सस्पेंस बरकरार

बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) के चुनावों को लेकर चल रहा कानूनी विवाद अब और गहरा गया है। गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में एसोसिएशन के एक  गुट द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद चुनाव परिणामों की घोषणा पर अनिश्चितता के बादल और गहरा गए हैं।

 हाईकोर्ट ने क्यों खारिज की याचिका?

BCA के एक गुट ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मांग की थी कि जिन पदों पर विवाद नहीं है, कम से कम उनके परिणाम घोषित कर दिए जाएं। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस मांग को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

  • अदालत का तर्क: हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह मामला पहले से ही डबल बेंच (खंडपीठ) के समक्ष लंबित है। जब मुख्य मामला बड़ी बेंच के पास विचाराधीन हो, तो इस तरह की अलग याचिका पर विचार नहीं किया जा सकता।

  • परिणाम: इस तकनीकी कारण से याचिका खारिज होने के बाद अब पूरी चुनाव प्रक्रिया के नतीजे अटक गए हैं।


मुख्य विवाद क्या है?

पूरा विवाद मुख्य रूप से अध्यक्ष सहित चार महत्वपूर्ण पदों के उम्मीदवारों की योग्यता को लेकर है।

  1. नियमों के उल्लंघन का आरोप: विपक्षी गुट का आरोप है कि ये उम्मीदवार चुनाव लड़ने के निर्धारित नियमों और मापदंडों का उल्लंघन कर रहे हैं।

  2. हाईकोर्ट का स्टे: इसी योग्यता विवाद के चलते मामला हाईकोर्ट पहुंचा था, जिसके बाद अदालत ने चुनाव परिणामों को सार्वजनिक करने पर 'स्टे' (रोक) लगा दिया था।

  3. वोटिंग पूरी, नतीजा बाकी: चुनाव की वोटिंग प्रक्रिया तो शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो चुकी है, लेकिन कानूनी पेंच के कारण बैलट बॉक्स अभी तक बंद हैं।


 BCA के भविष्य पर असर

हाईकोर्ट के इस रुख के बाद अब सभी की निगाहें डबल बेंच के अंतिम फैसले पर टिकी हैं। जब तक खंडपीठ अपना फैसला नहीं सुनाती, तब तक BCA में पुरानी व्यवस्था ही बनी रहेगी।

  • सदस्यों में उत्सुकता: बड़ौदा के क्रिकेट जगत और एसोसिएशन के सदस्यों के बीच इस देरी को लेकर भारी उत्सुकता और बेचैनी देखी जा रही है।

  • प्रशासनिक कार्य: परिणामों में देरी के कारण एसोसिएशन के आगामी क्रिकेट सत्र और प्रशासनिक निर्णयों पर भी असर पड़ने की संभावना है।

 फिलहाल बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन में "वेट एंड वॉच" की स्थिति है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि हाईकोर्ट की डबल बेंच योग्यता के इन आरोपों पर क्या रुख अपनाती है और क्रिकेट प्रेमियों का इंतजार कब खत्म होता है।