अंबाजी शक्तिपीठ में नई पहल: शुरू हुई 'जय अंबे तिथि भोजन' योजना !
अंबाजी माता देवस्थान ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ‘जय अंबे तिथि भोजन’ योजना शुरू की है। इसके तहत दानदाता अपने विशेष दिनों पर भक्तों के भोजन का खर्च वहन कर पुण्य कमा सकेंगे।
शक्तिपीठ अंबाजी में 'जय अंबे तिथि भोजन' योजना का भव्य शुभारंभ: अब श्रद्धालु अपनों की याद में करा सकेंगे भक्तों को भोजन
अंबाजी (बनासकांठा): देश के 51 शक्तिपीठों में विशेष स्थान रखने वाले श्री आरासुरी अंबाजी माता देवस्थान ट्रस्ट ने लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और सेवा को ध्यान में रखते हुए एक नई योजना ‘जय अंबे तिथि भोजन’ का विधिवत शुभारंभ किया है। इस योजना का उद्देश्य मंदिर आने वाले भक्तों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना और दानदाताओं को सेवा का एक नया अवसर प्रदान करना है।

क्या है ‘जय अंबे तिथि भोजन’ योजना?
यह योजना उन लोगों के लिए एक बेहतरीन माध्यम है जो अपने जीवन के विशेष अवसरों को यादगार बनाना चाहते हैं।
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अवसर: श्रद्धालु अपने जन्मदिन, शादी की सालगिरह, या अपने पूर्वजों की पुण्यतिथि जैसे विशेष अवसरों पर इस योजना के तहत दान दे सकते हैं।
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भोजन सेवा: दान की गई राशि का उपयोग अंबाजी आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को माता के प्रसाद (भोजन) के रूप में खिलाने के लिए किया जाएगा।
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भक्तों की सुविधा: अंबाजी मंदिर में हर साल करोड़ों भक्त आते हैं। इस योजना के शुरू होने से भोजन शाला की व्यवस्था और भी सुदृढ़ होगी और अधिक से अधिक लोगों को निःशुल्क या रियायती दरों पर सात्विक भोजन मिल सकेगा।
लाखों श्रद्धालुओं को मिलेगा लाभ
अंबाजी मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। विशेष रूप से भाद्रपद पूर्णिमा मेले और त्योहारों के दौरान यहाँ भारी भीड़ उमड़ती है। ‘जय अंबे तिथि भोजन’ योजना के माध्यम से भोजन प्रबंधन में जन-भागीदारी बढ़ेगी, जिससे व्यवस्था को और अधिक भव्य और सुविधायुक्त बनाया जा सकेगा।

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