लुफ्थांसा फ्लाइट में 13 घंटे तक शव के साथ उड़ान, इमरजेंसी लैंडिंग क्यों नहीं?
विमानन नियमों के अनुसार, यदि उड़ान के दौरान किसी यात्री की मृत्यु हो जाती है, तो इसे 'मेडिकल इमरजेंसी' नहीं माना जाता क्योंकि अब जान बचाना संभव नहीं होता।
लाश के साथ 13 घंटे उड़ता रहा विमान, फिर भी पायलट ने क्यों नहीं कराई इमरजेंसी लैंडिंग
यह घटना हाल ही में 'लुफ्थांसा' (Lufthansa) की फ्रैंकफर्ट से कोलंबो जा रही फ्लाइट में हुई, जिसने सोशल मीडिया पर काफी चर्चा बटोरी। विमान में एक यात्री की मृत्यु हो जाने के बाद भी पायलट ने विमान को रास्ते में लैंड नहीं कराया और यात्रा जारी रखी।
विमानन नियमों (Aviation Rules) के अनुसार, ऐसी स्थिति में क्या प्रोटोकॉल होते हैं और पायलट इमरजेंसी लैंडिंग क्यों नहीं करते, इसके मुख्य कारण नीचे दिए गए हैं:
1. 'इमरजेंसी' की परिभाषा
विमानन नियमों के तहत, इमरजेंसी लैंडिंग तब की जाती है जब किसी की जान बचाई जा सकती हो। * यदि उड़ान के दौरान किसी यात्री की मृत्यु की पुष्टि (क्रू द्वारा या यदि कोई डॉक्टर मौजूद हो) हो जाती है, तो उसे 'मेडिकल इमरजेंसी' नहीं माना जाता।
-
चूंकि यात्री अब जीवित नहीं है, इसलिए विमान को तत्काल उतारने से कोई जान नहीं बचाई जा सकती।
2. लैंडिंग की प्रक्रिया और जोखिम
एक बड़े अंतरराष्ट्रीय विमान को बीच रास्ते में उतारना बहुत जटिल होता है:
-
फ्यूल डंपिंग: विमान का वजन लैंडिंग के लिए बहुत अधिक होता है। उसे सुरक्षित उतारने के लिए पायलट को हवा में हजारों गैलन ईंधन (Fuel) छोड़ना पड़ता है, जिससे भारी वित्तीय नुकसान होता है।
-
रूट और क्लीयरेंस: किसी अनजान देश में लैंडिंग के लिए डिप्लोमैटिक क्लीयरेंस और भारी लैंडिंग फीस की जरूरत होती है।
3. कानूनी और कागजी जटिलताएं
यदि पायलट किसी तीसरे देश में विमान उतारता है, तो वहां की स्थानीय पुलिस और प्रशासन शव को अपने कब्जे में ले सकते हैं। इससे:
-
शव को वापस उसके देश भेजने की प्रक्रिया (Repatriation) बहुत लंबी और खर्चीली हो जाती है।
-
विमान में सवार अन्य सैकड़ों यात्री घंटों या दिनों तक वहां फंस सकते हैं।
4. शव के लिए प्रोटोकॉल
IAE (International Air Transport Association) के दिशानिर्देशों के अनुसार:
-
शव को विमान के पिछले हिस्से या किसी खाली कतार (Row) में ले जाया जाता है।
-
उसे कंबल से ढक दिया जाता है ताकि अन्य यात्री विचलित न हों।
-
यदि विमान में 'कॉर्प्स कबर्ड' (Corpse Cupboard) या विशेष जगह हो (जो कुछ बड़े विमानों में होती है), तो वहां रखा जाता है।
पायलट का मुख्य उद्देश्य सुरक्षित रूप से गंतव्य (Destination) तक पहुँचना होता है। अगर यात्री की मृत्यु हो चुकी है, तो पायलट निर्धारित गंतव्य तक जाना ही बेहतर समझते हैं ताकि वहां की स्थानीय अथॉरिटी और परिवार आसानी से शव को रिसीव कर सकें और कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा सकें।
Matrimonial

BRG News 


