FSSAI ने तय किया 50 मीटर का 'नो-जंक' दायरा !

स्कूल गेट से 50 मीटर दूर रहेगा जंक फूड, पास रहेगी अच्छी सेहत! क्या आप FSSAI के इस कदम से सहमत हैं?

FSSAI ने तय किया 50 मीटर का 'नो-जंक' दायरा  !

FSSAI का नया नियम: स्कूल के 50 मीटर के दायरे में जंक फूड पर रोक !

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य और संतुलित पोषण को सुनिश्चित करने के लिए 'सुरक्षित और पौष्टिक भोजन' से जुड़े नियमों के तहत 50 मीटर के दायरे में जंक फूड पर रोक लगाने का प्रावधान लागू किया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में बढ़ती मोटापे की समस्या, पोषण की कमी और लाइफस्टाइल बीमारियों को रोकना है।

नियम के प्रमुख बिंदु:

  • 50-मीटर बफर ज़ोन: स्कूल के मुख्य द्वार से किसी भी दिशा में 50 मीटर के दायरे में HFSS (High in Fat, Sugar and Salt) यानी अधिक वसा, चीनी और नमक वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

  • कैंटीन व मेस में पाबंदी: स्कूल परिसर के भीतर संचालित कैंटीन, हॉस्टल मेस या वेंडिंग मशीनों में चिप्स, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, पैकेज्ड शुगरी बेवरेज, इंस्टेंट नूडल्स और डीप-फ्राइड स्नैक्स बेचने या परोसने की मनाही है।

  • विज्ञापन और ब्रांडिंग पर रोक: स्कूल परिसर या 50 मीटर की सीमा में जंक फूड ब्रांड्स के पोस्टर, बैनर, लोगो या मुफ्त सैंपल बांटने पर रोक लगाई गई है।

  • लाइसेंस की अनिवार्यता: स्कूल कैंटीन चलाने वाले ठेकेदारों और कैटरर्स के पास FSSAI का वैध फूड लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है।

किन चीजों पर पाबंदी और क्या हैं विकल्प?

प्रतिबंधित खाद्य पदार्थ (HFSS) अनुशंसित स्वस्थ विकल्प
अल्ट्रा-प्रोसेस्ड पैकेज्ड चिप्स व नमकीन भुने मखाने, चना, मूंगफली व अंकुरित अनाज
कार्बोनेटेड व अधिक चीनी वाले कोल्ड ड्रिंक्स छाछ, नारियल पानी, लस्सी, ताजा नींबू पानी
बर्गर, पिज्जा और डीप-फ्राइड फास्ट फूड पोहा, उपमा, इडली, ढोकला व स्थानीय पौष्टिक व्यंजन
अधिक प्रिजर्वेटिव वाली पैकेज्ड मिठाइयाँ/केक ताजे मौसमी फल और मेवे (Dry Fruits)

इस नियम की आवश्यकता क्यों पड़ी?

  • बाल मोटापा और डायबिटीज: अल्ट्रा-प्रोसेस्ड और शुगरी ड्रिंक्स के अधिक सेवन से बच्चों में कम उम्र में ही इंसुलिन रेजिस्टेंस, मोटापा और उच्च रक्तचाप का खतरा बढ़ रहा है।

  • हेल्दी ईटिंग हैबिट्स: स्कूल वह स्थान है जहाँ बच्चे दिन का बड़ा हिस्सा बिताते हैं। शुरुआत से ही पौष्टिक भोजन का विकल्प मिलने पर स्वस्थ खानपान की आदत बनती है।

  • 'ईट राइट स्कूल' पहल: FSSAI का लक्ष्य स्कूलों को ऐसे सुरक्षित पोषण केंद्र में बदलना है जहाँ ताजे, स्थानीय और पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दी जाए।

स्कूल प्रबंधन और प्रशासन की जिम्मेदारी:

स्कूल प्रशासन को परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के साथ-साथ एक 'हेल्थ एवं वेलनेस' निगरानी तंत्र स्थापित करने की सलाह दी गई है। स्थानीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSO) इन नियमों के अनुपालन की नियमित जांच करेंगे और उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित वेंडरों व प्रतिष्ठानों पर जुर्माना लगाया जाएगा।