गुजरात सरकार की नई LPG और केरोसिन गाइडलाइन जारी !
गुजरात सरकार ने राज्य में केरोसिन और कमर्शियल LPG के लिए नई गाइडलाइन घोषित की है। अब PNG (पाइप्ड गैस) को प्राथमिकता दी जाएगी। अगर आपके पास LPG और PNG दोनों हैं, तो जल्द ही अपना LPG सिलेंडर सरेंडर करें!
गुजरात में केरोसिन और LPG वितरण के लिए नई गाइडलाइन जारी: जानें किसे कितना गैस मिलेगा
गुजरात राज्य में घरेलू और व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए गैस की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। राज्य में घरेलू उपयोग के लिए LPG सिलेंडर का पर्याप्त बफर स्टॉक उपलब्ध है, लेकिन व्यावसायिक (Commercial) उपयोग पर कुछ निश्चित सीमाएं और प्राथमिकताएं तय की गई हैं।
सोमवार, 16 मार्च 2026 को गांधीनगर विधानसभा परिसर में वर्ष 2026-27 के बजट के अंतर्गत खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी। इस दौरान विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सुश्री मोना खंधार ने LPG आपूर्ति से जुड़े सवालों पर स्पष्टता देते हुए बताया कि नागरिकों के लिए घरेलू LPG का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और बफर स्टॉक में लगातार वृद्धि हो रही है। केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर राज्य सरकार ने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं।
LPG को PNG में बदलने पर प्राथमिकता
सुश्री मोना खंधार के अनुसार, वर्तमान में LPG के घरेलू और व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं को PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जा रही है। जिन उपभोक्ताओं के पास LPG के साथ-साथ PNG कनेक्शन भी है, उन्हें बुधवार तक अपना LPG कनेक्शन सरेंडर (Surrender) करना होगा। राज्य में घरेलू और कमर्शियल दोनों उपयोग के लिए PNG की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
हर जिले को 36 हजार लीटर केरोसिन का आवंटन
राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में LPG आपूर्ति के साथ-साथ एक अतिरिक्त विकल्प के रूप में केरोसिन वितरण की व्यवस्था भी शुरू की गई है। केंद्र सरकार द्वारा 14.52 लाख लीटर केरोसिन का जत्था आवंटित किया गया है, जिसमें से प्रत्येक जिले को 36 हजार लीटर केरोसिन दिया गया है। इस योजना के तहत प्रति परिवार 5 लीटर और प्रति संस्था 25 लीटर केरोसिन आवंटित किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक प्रशासनिक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।
LPG वितरण की नई प्रणाली और प्राथमिकताएं
सरकार के आदेशानुसार, जिन स्थानों पर PNG नेटवर्क उपलब्ध नहीं है, वहां व्यावसायिक LPG रीफिल का वितरण प्राथमिकताओं के आधार पर किया जाएगा:
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अस्पताल और शैक्षणिक संस्थान: इन्हें इनकी आवश्यकता के अनुसार 100 प्रतिशत आपूर्ति मिलेगी।
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आवश्यक सेवाएं: फार्मास्युटिकल उद्योग, डेयरी उद्योग, सीड प्रोसेसिंग, और एयरलाइन या रेलवे कैंटीन को उनकी जरूरत का 70 प्रतिशत जत्था दिया जाएगा।
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व्यावसायिक इकाइयां: होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, कॉर्पोरेट कैंटीन और फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को अब केवल 10 प्रतिशत आपूर्ति ही आवंटित की जाएगी।
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भोजन संस्थान: पिछले एक साल से कार्यरत और भोजन उपलब्ध कराने वाली संस्थाओं को पिछले 6 महीने के औसत उपयोग के आधार पर 10 प्रतिशत की सीमा में गैस मिलेगा।
इसके अलावा, मत्स्य उद्योग जैसी आवश्यक सेवाओं को भी 10 प्रतिशत कैप (Limit) के साथ कमर्शियल LPG उपलब्ध कराई जा रही है। अर्ध-आवश्यक सेवाओं जैसे कॉर्पोरेट गेस्ट हाउस और औद्योगिक कैंटीन के लिए भी यही 10 प्रतिशत की सीमा लागू रहेगी।
सख्त निगरानी और हेल्पलाइन सेवा
LPG वितरण की कड़ी निगरानी के लिए राज्य की सभी सार्वजनिक और निजी गैस एजेंसियों पर राजस्व और पुलिस कर्मियों की नियुक्ति की गई है। इनका मुख्य कार्य यह सुनिश्चित करना है कि नागरिकों को समय पर आपूर्ति मिले और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अनियमितता न हो। पिछले 12 दिनों में जिला और राज्य स्तर पर कई मामलों में जांच की कार्यवाही की गई है।
सहायता के लिए हेल्पलाइन: राज्य में LPG वितरण या आपूर्ति से संबंधित किसी भी समस्या के समाधान के लिए नागरिक राज्य हेल्पलाइन नंबर 1800-232-0222 पर संपर्क कर सकते हैं।
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