महायुद्ध की आहट? मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच उत्तर कोरिया का मिसाइल परीक्षण
ईरान-इजरायल युद्ध के बीच किम जोंग का बड़ा एक्शन !उत्तर कोरिया ने दागीं 10 बैलिस्टिक मिसाइलें। क्या दुनिया महायुद्ध की ओर बढ़ रही है?
World War 3 का खतरा? ईरान-इजरायल जंग के बीच उत्तर कोरिया ने दागीं 10 मिसाइलें, जापान-दक्षिण कोरिया में हाई अलर्ट
दुनिया पहले से ही पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध की वजह से 'तीसरे विश्व युद्ध' के मुहाने पर खड़ी महसूस कर रही है। इसी बीच, उत्तर कोरिया ने पूर्वी समुद्र (Sea of Japan) की ओर एक-दो नहीं, बल्कि करीब 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर आग में घी डालने का काम किया है।
दक्षिण कोरियाई सेना (JCS) के अनुसार, ये मिसाइलें उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग के पास सुनान (Sunan) इलाके से शनिवार दोपहर करीब 1:20 बजे (स्थानीय समयानुसार) दागी गईं।
क्यों भड़के हैं किम जोंग उन?
उत्तर कोरिया का यह 'मिसाइल धमाका' ऐसे समय में हुआ है जब:
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Freedom Shield सैन्य अभ्यास: अमेरिका और दक्षिण कोरिया अपना वार्षिक 'फ्रीडम शील्ड' (Freedom Shield) सैन्य अभ्यास कर रहे हैं। उत्तर कोरिया इसे अपने ऊपर हमले की तैयारी मानता है।
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Middle East Conflict: अमेरिका इस समय ईरान के साथ युद्ध में उलझा हुआ है। खबरों के अनुसार, अमेरिका ने दक्षिण कोरिया से कुछ मिसाइल डिफेंस सिस्टम (Patriot और THAAD) हटाकर मिडिल ईस्ट भेजे हैं। किम जोंग शायद इसी 'सुरक्षा चूक' का फायदा उठाकर अपनी ताकत दिखा रहे हैं।
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किम यो जोंग की चेतावनी: किम जोंग उन की शक्तिशाली बहन किम यो जोंग ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि अगर उनकी सुरक्षा को चुनौती दी गई, तो इसके "भयानक परिणाम" होंगे।
जापान और दक्षिण कोरिया में हड़कंप
मिसाइल लॉन्च के तुरंत बाद जापान की नई प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची (Sanae Takaichi) के कार्यालय ने 'इमरजेंसी अलर्ट' जारी किया। जापान के कोस्ट गार्ड ने समुद्र में जहाजों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। हालांकि, राहत की बात यह है कि ये मिसाइलें जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के बाहर गिरी हैं।
क्या फिर होगी ट्रंप और किम की मुलाकात?
हैरानी की बात यह है कि यह मिसाइल टेस्ट उस समय हुआ जब अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन प्योंगयांग के साथ बातचीत फिर से शुरू करने की कोशिश कर रहा है। दक्षिण कोरियाई प्रधानमंत्री ने हाल ही में संकेत दिए थे कि ट्रंप और किम जोंग उन के बीच इस साल फिर से शिखर वार्ता हो सकती है। लेकिन इस मिसाइल टेस्ट ने कूटनीतिक कोशिशों पर सवालिया निशान लगा दिया है।
दुनिया के लिए क्यों है यह खतरे की घंटी?
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हथियारों की होड़: ईरान को उत्तर कोरिया का समर्थन प्राप्त है। ऐसे में किम जोंग का यह कदम अमेरिका पर दबाव बनाने की रणनीति हो सकता है।
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परमाणु खतरा: विशेषज्ञ इसे उत्तर कोरिया के उस लक्ष्य का हिस्सा मान रहे हैं, जिसमें वह अपनी नौसेना और मिसाइल बेड़े को परमाणु हथियारों से लैस करना चाहता है।
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