ईरान ने ठुकराया शांति का हाथ,क्या थम पाएगी ईरान-अमेरिका की जंग ?
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब और गहरा गया है। ईरान ने न केवल अमेरिका की शर्तें मानीं, बल्कि बातचीत की मेज पर बैठने से भी साफ़ इनकार कर दिया। क्या यह एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की शुरुआत है?
मध्य पूर्व में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने अमेरिका द्वारा प्रस्तावित 48 घंटे के युद्धविराम (Ceasefire) के प्रस्ताव को आधिकारिक तौर पर ठुकरा दिया है। ईरान का कहना है कि वह अपनी शर्तों पर ही जंग खत्म करेगा और अमेरिका की "अनुचित" शर्तों के आगे नहीं झुकेगा।
ईरान का सख्त रुख और बातचीत से इनकार
-
प्रस्ताव को ठुकराया: ईरान ने मध्यस्थ देशों (संभवतः पाकिस्तान या अन्य क्षेत्रीय सहयोगी) के जरिए भेजे गए अमेरिकी शांति प्रस्ताव को 'अवास्तविक' और 'धोखा' करार देते हुए खारिज कर दिया है।
-
इस्लामाबाद बैठक रद्द: रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने पाकिस्तान की राजधानी इस्लाबाद में अमेरिकी अधिकारियों के साथ होने वाली प्रस्तावित बैठक में शामिल होने से भी मना कर दिया है।
-
ईरान की शर्तें: तेहरान का स्पष्ट कहना है कि जंग तभी रुकेगी जब उसकी अपनी मांगें मानी जाएंगी, जिनमें युद्ध के नुकसान का हर्जाना और क्षेत्रीय संप्रभुता की गारंटी शामिल है।
युद्ध के मैदान से बड़ी खबरें (अप्रैल 2026)
-
अमेरिकी लड़ाकू विमान गिराया गया: हालिया संघर्ष में पहली बार, ईरान के ऊपर एक अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल विमान को मार गिराए जाने की खबर है। हालांकि व्हाइट हाउस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन खुजेस्तान प्रांत के पास मलबे के फुटेज सामने आए हैं।
-
बुनियादी ढांचे पर हमला: अमेरिका और इजरायल ने ईरान के सबसे बड़े पुलों और बिजली संयंत्रों को निशाना बनाया है। जवाब में, ईरानी ड्रोनों ने कुवैत के अलवणीकरण (Desalination) प्लांट और तेल रिफाइनरियों पर हमले किए हैं।
-
ट्रम्प का बयान: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में एक संबोधन में दावा किया था कि यह युद्ध 2-3 हफ्तों में खत्म हो सकता है, लेकिन ईरान के ताजा रुख ने इस संभावना पर सवालिया निशान लगा दिया है।
क्या जंग खत्म नहीं होगी?
विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों पक्ष वर्तमान में "पीछे हटने" के मूड में नहीं हैं। ईरान का मानना है कि उसकी सैन्य स्थिति अभी भी मजबूत है, वहीं अमेरिका और इजरायल ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों को पूरी तरह नष्ट करने पर आमादा हैं। कूटनीतिक कोशिशों के नाकाम होने के बाद अब क्षेत्रीय युद्ध के और अधिक फैलने का खतरा बढ़ गया है।
Matrimonial

BRG News 


