114 राफेल + पिनाका! भारत-फ्रांस की 'महा-डील' तय?

भारत ने फ्रांस के साथ 114 राफेल विमानों की मेगा डील की तैयारी कर ली है, जिसके बदले फ्रांस अमेरिकी HIMARS को छोड़कर भारत का स्वदेशी 'पिनाका' रॉकेट सिस्टम खरीदने पर विचार कर रहा है।यह रणनीतिक साझेदारी 'मेक इन इंडिया' की बड़ी जीत है, जो भारत को एक बड़े हथियार आयातक से दुनिया के शक्तिशाली रक्षा निर्यातक (Defense Exporter) के रूप में स्थापित कर रही है।

114 राफेल + पिनाका!  भारत-फ्रांस की 'महा-डील' तय?

रक्षा क्षेत्र में भारत और फ्रांस के बीच एक ऐसी ऐतिहासिक साझेदारी आकार ले रही है जो वैश्विक हथियार बाजार के समीकरण बदल सकती है। जहाँ भारत अपनी वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए फ्रांस से 114 राफेल (Rafale) विमानों की मेगा डील को अंतिम रूप दे रहा है, वहीं फ्रांस भारत के स्वदेशी पिनाका (Pinaka) मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम को अपनी सेना में शामिल करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है।


भारत का मास्टरस्ट्रोक: फ्रांस खरीदेगा भारत का 'पिनाका', राफेल डील में बनेगा नया इतिहास

1. पिनाका vs HIMARS: क्यों फ्रांस की पसंद बना भारत का हथियार?

फ्रांस अपनी सेना के पुराने पड़ चुके LRU (M270) रॉकेट सिस्टम को बदलना चाहता है। दुनिया के सामने दो बड़े विकल्प थे: अमेरिका का HIMARS और भारत का पिनाका

  • पिनाका की ताकत: पिनाका न केवल अमेरिका के HIMARS की तुलना में किफायती है, बल्कि इसकी फायरिंग रेट और रेंज (खासकर गाइडेड पिनाका Mk-II और Mk-III) इसे बेहद घातक बनाती है।

  • फ्रांस का झुकाव: फ्रांसीसी सेना के अधिकारियों ने भारत में पिनाका का सफल परीक्षण देखा है। यदि यह डील होती है, तो फ्रांस पिनाका खरीदने वाला पहला NATO देश बन जाएगा।

2. 114 राफेल विमानों की मेगा डील (MRFA)

भारत सरकार ने भारतीय वायुसेना (IAF) के लिए 3.25 लाख करोड़ रुपये की लागत से 114 अतिरिक्त राफेल विमान खरीदने के प्रस्ताव (AoN) को मंजूरी दे दी है।

  • मेक इन इंडिया: इस डील की सबसे बड़ी खासियत यह है कि 114 में से 90 से अधिक विमानों का निर्माण भारत में ही किया जाएगा।

  • रणनीतिक बढ़त: इससे भारत का राफेल बेड़ा बढ़कर 176 (36 पुराने + 26 नेवी के लिए + 114 नए) हो जाएगा, जो चीन और पाकिस्तान के खिलाफ भारत को आसमान का निर्विवाद राजा बना देगा।


3. 'लेन-देन' नहीं, 'रणनीतिक साझेदारी'

इसे महज एक साधारण खरीद-बिक्री (Swap Deal) कहना गलत होगा। यह असल में 'Strategic Autonomy' का उदाहरण है।

  • टेक्नोलॉजी ट्रांसफर: फ्रांस भारत को इंजन बनाने की तकनीक और 'हैमर' मिसाइलों के स्थानीय उत्पादन में मदद कर रहा है।

  • भारत बना एक्सपोर्टर: अब तक भारत दुनिया का सबसे बड़ा हथियार आयातक (Importer) था, लेकिन फ्रांस जैसे देश को पिनाका बेचना भारत के 'डिफेंस एक्सपोर्ट' लक्ष्य के लिए मील का पत्थर है।

4. अमेरिका के HIMARS को कड़ी टक्कर

यूक्रेन युद्ध के बाद अमेरिकी HIMARS की मांग बढ़ी है, लेकिन उसकी लंबी वेटिंग लिस्ट और ऊंची कीमत के कारण कई देश अब पिनाका की तरफ देख रहे हैं। आर्मेनिया के बाद फ्रांस का इसमें दिलचस्पी दिखाना यह साबित करता है कि भारतीय रक्षा तकनीक अब विश्व स्तरीय है।

यदि फ्रांस पिनाका को चुनता है, तो यह "मेक इन इंडिया" के लिए अब तक की सबसे बड़ी जीत होगी। यह डील भारत और फ्रांस के रिश्तों को सिर्फ ग्राहक-विक्रेता से ऊपर उठाकर एक 'रक्षा पार्टनर' के रूप में स्थापित करेगी।