क्या बाजार में कम मिलेगा सोना-चांदी ? जानिए RBI का नया आदेश !
पिछले कुछ दिनों से सोना-चांदी की सप्लाई को लेकर चल रही अफवाहों पर अब विराम लग गया है। RBI और सरकार ने 15 बैंकों को आयात की नई अनुमति दे दी है, जिससे अब सप्लाई सामान्य हो जाएगी। साथ ही, अब आप सोने की तरह चांदी पर भी लोन ले सकेंगे!
सोना-चांदी मार्केट को लेकर हाल ही में कुछ खबरें आई थीं कि बाजार में इनकी कमी हो सकती है, लेकिन अब स्थिति साफ हो गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और वाणिज्य मंत्रालय की ओर से आए ताजा अपडेट्स के अनुसार, घबराने की कोई बात नहीं है।
1. क्या सच में सोना-चांदी कम मिलेगा?
पिछले कुछ दिनों से बाजार में सोना-चांदी की कमी की खबरें इसलिए आ रही थीं क्योंकि बैंकों के पास विदेशों से धातु आयात (Import) करने का आधिकारिक नोटिफिकेशन समय पर नहीं पहुँचा था।
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अस्थायी रुकावट: अप्रैल के शुरुआती हफ्तों में करीब 5 मीट्रिक टन सोना और 8 मीट्रिक टन चांदी कस्टम क्लीयरेंस न मिलने के कारण बंदरगाहों पर अटकी हुई थी।
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ताजा अपडेट: 17 अप्रैल 2026 को सरकार ने बैंकों की लिस्ट जारी कर दी है। 15 प्रमुख बैंकों (जैसे SBI, HDFC, Axis, ICICI) को अगले तीन साल के लिए आयात की अनुमति मिल गई है। अब फंसा हुआ स्टॉक रिलीज हो जाएगा और बाजार में सप्लाई सामान्य हो जाएगी।
2. RBI की नई गाइडलाइन्स (अप्रैल 2026 से प्रभावी)
RBI ने सोना और चांदी से जुड़े ऋण (Loan) और व्यापार के लिए कुछ नए नियम लागू किए हैं, जो ग्राहकों के लिए फायदेमंद हैं:
A. चांदी पर भी मिलेगा लोन
अब तक केवल सोने के बदले लोन मिलता था, लेकिन 1 अप्रैल 2026 से सभी बैंक, सहकारी समितियां और NBFCs ग्राहकों को चांदी के बदले भी लोन दे सकेंगे। यह सुविधा उन लोगों के लिए बेहतरीन है जिनके पास चांदी के जेवर या सिक्के रखे हैं।
B. गोल्ड लोन के नए नियम
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आय प्रमाण की जरूरत नहीं: ₹2.5 लाख तक के गोल्ड लोन के लिए अब इनकम प्रूफ या सिबिल स्कोर की अनिवार्यता को कम कर दिया गया है।
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देरी पर जुर्माना: यदि आप लोन चुका देते हैं, तो बैंक को 7 दिनों के भीतर आपका सोना वापस करना होगा। अगर देरी होती है, तो बैंक को ग्राहक को ₹5,000 प्रतिदिन का हर्जाना देना होगा।
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सुरक्षा की गारंटी: यदि बैंक की कस्टडी में आपका सोना गुम या खराब होता है, तो बैंक मौजूदा मार्केट रेट पर पूरा मुआवजा देने के लिए बाध्य है।
3. गहनों के आयात पर सख्ती
सरकार ने गोल्ड और सिल्वर ज्वेलरी के आयात (Import) को 'Free' कैटेगरी से हटाकर 'Restricted' कैटेगरी में डाल दिया है।
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उद्देश्य: कई लोग फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) का गलत फायदा उठाकर बिना टैक्स दिए अन्य देशों (जैसे थाईलैंड) से सस्ते गहने मंगा रहे थे।
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असर: अब ज्वेलर्स को गहने आयात करने के लिए सरकार से विशेष लाइसेंस लेना होगा। हालांकि, SEZ (विशेष आर्थिक क्षेत्र) में स्थित इकाइयों पर यह नियम लागू नहीं होगा।
बाजार में सोना-चांदी की कोई लंबी कमी नहीं होने वाली है। जो रुकावट थी वह केवल प्रशासनिक देरी (बैंकों की लिस्ट जारी होने में देरी) की वजह से थी। निवेश के नजरिए से देखें तो RBI के नए लोन नियम आम ग्राहकों को अधिक सुरक्षा और विकल्प प्रदान कर रहे हैं।
यदि आप अक्षय तृतीया या शादी के सीजन के लिए खरीदारी का प्लान कर रहे हैं, तो अभी मार्केट स्थिर है। आयात शुरू होने से कीमतों में भारी उछाल की आशंका कम है।
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