जेल में चाहिए KBC वाली लाइफलाइन; राजपाल यादव ने सरकार से क्या मांगा ?

चेक बाउंस केस में जमानत पर रिहा हुए अभिनेता राजपाल यादव ने जेलों को 'अपग्रेड' करने और वहां एयरपोर्ट की तर्ज पर स्मोकिंग एरिया बनाने की मांग की है। उन्होंने कैदियों के सुधार के लिए KBC जैसी 'लाइफलाइन' देने का भी सुझाव दिया।

जेल में चाहिए KBC वाली लाइफलाइन; राजपाल यादव ने सरकार से क्या मांगा ?

'जेल में स्मोकिंग एरिया होना चाहिए', अंतरिम जमानत पर छूटे राजपाल यादव ने की जेल को अपग्रेड करने की मांग

बॉलीवुड के दिग्गज कॉमेडियन राजपाल यादव अपनी एक्टिंग से तो लोगों को हंसाते ही हैं, लेकिन इस बार उनका एक बयान सुर्खियों में है। 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल से अंतरिम जमानत पर रिहा होने के बाद, अभिनेता ने जेल प्रशासन और सरकार से जेल की सुविधाओं को 'अपग्रेड' करने की अपील की है।

सबसे अधिक चर्चा उनके उस सुझाव की हो रही है जिसमें उन्होंने जेल के भीतर 'डेजिग्नेटेड स्मोकिंग एरिया' बनाने की बात कही है।


"एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन जैसा हो सिस्टम"

अपने पैतृक गांव शाहजहांपुर पहुंचे राजपाल यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जिस तरह देश और दुनिया बदल रही है, उसी तरह हमारी जेलों को भी आज के समय के हिसाब से अपग्रेड होना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया:

"जेल के अंदर स्मोकिंग एरिया होना चाहिए, ठीक वैसे ही जैसे रेलवे स्टेशनों और एयरपोर्ट्स पर होता है। मैं तंबाकू या धूम्रपान को प्रमोट नहीं कर रहा हूँ, लेकिन यह सच है कि देश में इसका बड़ा कारोबार है और लोग इसके आदी हैं। सुधार गृहों में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए।"


KBC की 'लाइफलाइन' से की तुलना

राजपाल यादव ने जेल सुधारों पर जोर देते हुए एक दिलचस्प उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि कई कैदी ऐसे होते हैं जो अपनी गलती सुधारना चाहते हैं।

  • लाइफलाइन का सुझाव: उन्होंने कहा कि जैसे 'कौन बनेगा करोड़पति' (KBC) में लाइफलाइन होती है, वैसे ही 10% कैदियों को उनके अच्छे आचरण के आधार पर एक 'लाइफलाइन' मिलनी चाहिए ताकि वे समाज की मुख्यधारा में वापस लौट सकें।

  • सुधार केंद्र: उनका मानना है कि जेलों को केवल दंड देने की जगह 'सुधार केंद्र' के रूप में विकसित किया जाना चाहिए।


चेक बाउंस मामला और जमानत

राजपाल यादव को 2012 के एक पुराने मामले में सजा सुनाई गई थी, जिसमें उन्होंने अपनी फिल्म 'अता पता लापता' के लिए कर्ज लिया था। हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें 18 मार्च 2026 तक की अंतरिम जमानत दी है। कोर्ट ने उन्हें ₹1.5 करोड़ जमा करने का आदेश दिया था, जिसे उन्होंने पूरा कर दिया है।


सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

राजपाल यादव के 'स्मोकिंग एरिया' वाले बयान पर नेटिजन्स दो गुटों में बंट गए हैं:

  1. समर्थक: कुछ लोगों का कहना है कि कैदियों के तनाव को कम करने के लिए ऐसी बुनियादी सुविधाएं जरूरी हैं।

  2. विरोधी: कई लोग तर्क दे रहे हैं कि जेल एक सजा की जगह है, पिकनिक स्पॉट या एयरपोर्ट नहीं, जहाँ विलासिता की वस्तुएं प्रदान की जाएं।