स्वच्छ गांव, समृद्ध गांव: गुजरात सरकार की नई पहल से बदल रही है ग्रामीण भारत की तस्वीर

गुजरात के 12 जिलों के 667 गाँवों में मुख्यमंत्री निर्मल ग्राम योजना के तहत शहरी तर्ज पर कचरा प्रबंधन शुरू किया गया है, जिसके लिए ₹60 करोड़ का बजट आवंटित हुआ है।

स्वच्छ गांव, समृद्ध गांव: गुजरात सरकार की नई पहल से बदल रही है ग्रामीण भारत की तस्वीर

गुजरात के गाँवों का होगा कायाकल्प, 'मुख्यमंत्री निर्मल ग्राम' और 'अटलवाड़ी योजना' के लिए ₹60 करोड़ का बजट जारी

गुजरात सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के स्तर को सुधारने और सामुदायिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पूरी तरह सक्रिय है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री निर्मल ग्राम योजना और अटलवाड़ी योजना को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट साझा किए हैं। वर्ष 2026-27 के बजट में इन योजनाओं के लिए ₹60 करोड़ की भारी-भरकम राशि आवंटित की गई है।

मुख्यमंत्री निर्मल ग्राम योजना: 12 जिलों के 667 गाँवों में मिशन मोड पर काम

वर्तमान स्थिति के अनुसार, यह योजना गुजरात के 12 जिलों के 21 तालुकों के 667 गाँवों में सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य गाँवों को कचरा मुक्त बनाना और शहरी तर्ज पर सफाई व्यवस्था लागू करना है।

योजना के मुख्य बिंदु:

  • डोर-टू-डोर कलेक्शन: ग्राम पंचायतों द्वारा नियुक्त एजेंसियों के माध्यम से घर-घर जाकर कचरा इकट्ठा किया जा रहा है।

  • वैज्ञानिक निपटान: गाँवों से एकत्र किए गए कचरे को पहले स्थानीय डंपिंग साइट पर डाला जाता है। इसके बाद तालुका स्तर की एजेंसियाँ इस कचरे को नजदीकी नगरपालिका या महानगरपालिका के प्रोसेसिंग यूनिट तक पहुँचाती हैं।

  • शहरी प्राधिकरणों में विस्तार: यह योजना केवल सुदूर गाँवों तक सीमित नहीं है, बल्कि RUDA (राजकोट), GUDA (गांधीनगर), और VUDA (वडोदरा) जैसे शहरी विकास प्राधिकरणों के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में भी प्रभावी ढंग से लागू है।


अटलवाड़ी योजना: ग्रामीण सशक्तिकरण का नया केंद्र

सरकार का मानना है कि गाँवों में सामाजिक और सांस्कृतिक एकता के लिए एक साझा स्थान होना अनिवार्य है। इसी सोच के साथ 'अटलवाड़ी योजना' को आगे बढ़ाया जा रहा है।

  • उद्देश्य: गाँव की 'वाड़ी' (सामुदायिक केंद्र) को एक ऐसे स्थल के रूप में विकसित करना, जहाँ ग्रामीण अपने सामाजिक, सांस्कृतिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों को गरिमा के साथ आयोजित कर सकें।

  • सशक्त बुनियादी ढांचा: यह केंद्र केवल एक भवन नहीं, बल्कि गाँवों में एकता, संवाद और संस्कृति का संगम बनेगा।

  • स्वच्छ भारत मिशन का सहयोग: इस योजना के तहत 'स्वच्छ भारत मिशन' के अंतर्गत उपलब्ध वाहनों और संसाधनों की मरम्मत एवं रखरखाव (Maintenance) के लिए भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है, ताकि गाँव का स्वास्थ्य स्तर बेहतर हो सके।