रेलवे का बड़ा धमाका:15 मिनट पहले बदलें बोर्डिंग स्टेशन !
भारतीय रेलवे के नए नियम के अनुसार, अब यात्री अपनी प्रीमियम ट्रेनों के लिए 15 मिनट और सामान्य ट्रेनों के लिए 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन ऑनलाइन या ऑफलाइन बदल सकेंगे।
भारतीय रेलवे का बड़ा फैसला: अब ट्रेन छूटने के 15 मिनट पहले भी बदल सकेंगे बोर्डिंग स्टेशन, जानें नए नियम
भारतीय रेलवे ने रेल यात्रियों को एक बड़ी सौगात दी है। अक्सर ऐसा होता है कि यात्री टिकट कहीं और से बुक कराते हैं, लेकिन किसी कारणवश उन्हें दूसरे स्टेशन से ट्रेन पकड़नी पड़ती है। अब तक इसके लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी, लेकिन रेलवे के नए नियमों ने इस प्रक्रिया को बेहद आसान और लचीला बना दिया है।
क्या है नया नियम?
रेलवे द्वारा किए गए हालिया सुधार के अनुसार, अब यात्री अपनी ट्रेन के प्रस्थान समय से कुछ मिनट पहले भी अपना बोर्डिंग पॉइंट (Boarding Point) बदल सकेंगे। यह सुविधा उन लोगों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद होगी जो अंतिम समय में अपनी यात्रा की योजना में बदलाव करते हैं।
ट्रेनों के अनुसार समय सीमा
रेलवे ने अलग-अलग श्रेणियों की ट्रेनों के लिए समय सीमा तय की है:
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प्रीमियम ट्रेनें (राजधानी, शताब्दी, दुरंतो आदि): इन ट्रेनों में यात्री ट्रेन छूटने के मात्र 15 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं।
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सामान्य ट्रेनें (मेल/एक्सप्रेस): अन्य सभी सामान्य ट्रेनों के लिए यह समय सीमा 30 मिनट पहले तक निर्धारित की गई है।
ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सुविधाएं उपलब्ध
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुविधा के लिए यह प्रक्रिया डिजिटल और फिजिकल दोनों माध्यमों से पूरी की जा सकती है:
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ऑनलाइन: यात्री IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से लॉग-इन करके 'Update Boarding Point' के विकल्प को चुन सकते हैं।
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ऑफलाइन: यात्री रेलवे स्टेशन के काउंटर पर जाकर भी अपना बोर्डिंग स्टेशन बदलवाने का अनुरोध कर सकते हैं।
इन बातों का रखें खास ध्यान
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एक बार का मौका: बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा केवल एक बार ही मिलती है।
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टिकट श्रेणी: यह सुविधा कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों के लिए उपलब्ध है।
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दूरी और किराया: यदि नया बोर्डिंग स्टेशन मूल स्टेशन से पहले आता है, तो भी आपको पूरे सफर का किराया देना होगा। यदि यह बाद में आता है, तो भी मूल किराए में कोई बदलाव या रिफंड नहीं मिलेगा।

क्यों लिया गया यह फैसला?
इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को 'लास्ट मिनट रिलैक्सेशन' देना है। कई बार ट्रैफिक या अन्य कारणों से यात्री अपने मूल स्टेशन तक नहीं पहुँच पाते, ऐसी स्थिति में वे रास्ते के किसी अन्य स्टेशन से ट्रेन पकड़ने के लिए अपना बोर्डिंग पॉइंट अपडेट कर सकते हैं, ताकि उनकी सीट 'नो-शो' (No-Show) के आधार पर किसी और को अलॉट न कर दी जाए।
भारतीय रेलवे का यह डिजिटल सुधार यात्रियों के सफर को और अधिक सुविधाजनक और तनावमुक्त बनाएगा। अब आपको स्टेशन पहुँचने की भागदौड़ में अपनी सीट खोने का डर नहीं सताएगा।
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