गुजरात में टूरिस्ट पुलिस की एंट्री: अब बेखौफ घूमेंगे पर्यटक !

गुजरात के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा के लिए अब समर्पित 'टूरिस्ट पुलिस स्टेशन' स्थापित किए जाएंगे।

गुजरात में टूरिस्ट पुलिस की एंट्री: अब बेखौफ घूमेंगे पर्यटक !

गुजरात के पर्यटन स्थलों पर अब होगी 'टूरिस्ट पुलिस' की तैनाती: सुरक्षा और सुविधा का नया युग

गुजरात अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक स्मारकों और प्राकृतिक सुंदरता के कारण दुनिया भर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा है। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी से लेकर सोमनाथ और कच्छ के रण तक, हर साल करोड़ों सैलानी यहाँ आते हैं। इन पर्यटकों की सुरक्षा, सहायता और उनके अनुभव को और अधिक सुखद बनाने के लिए गुजरात पुलिस अब एक विशेष इकाई के रूप में 'टूरिस्ट पुलिस' को मैदान में उतारने जा रही है।

DG और IG कॉन्फ्रेंस की सिफारिशों पर अमल

हाल ही में राज्य के पुलिस प्रमुख डॉ. के.एल.एन. राव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य एजेंडा देश के पुलिस महानिदेशकों (DG) और महानिरीक्षकों (IG) के सम्मेलन में दी गई सिफारिशों को लागू करना था। केंद्र सरकार और सुरक्षा विशेषज्ञों की इन सिफारिशों के अनुसार, उन राज्यों में जहाँ पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, वहां समर्पित टूरिस्ट पुलिस स्टेशनों का होना अनिवार्य है।

क्या होगा टूरिस्ट पुलिस स्टेशन का उद्देश्य?

इन विशेष पुलिस स्टेशनों का प्राथमिक उद्देश्य पर्यटकों को एक 'सुरक्षा कवच' प्रदान करना है। इसके मुख्य बिन्दुओं में शामिल हैं:

  • समर्पित सहायता: पर्यटकों को किसी भी आपात स्थिति, चोरी या धोखाधड़ी के मामले में तुरंत सहायता प्रदान करना।

  • भाषा संबंधी सुगमता: इन स्टेशनों पर तैनात पुलिसकर्मियों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वे पर्यटकों की भाषा समझ सकें और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान कर सकें।

  • अपराध पर नियंत्रण: पर्यटन स्थलों पर होने वाली छोटी-मोटी चोरियों, अवैध गाइडों और पर्यटकों को परेशान करने वाले तत्वों पर कड़ी नजर रखना।

पर्यटन जिलों पर विशेष ध्यान

बैठक के दौरान राज्य के उन जिलों की पहचान की गई है जहाँ पर्यटकों की आवाजाही सबसे अधिक रहती है। इनमें नर्मदा (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी), गिर-सोमनाथ, देवभूमि द्वारका, कच्छ और जूनागढ़ जैसे जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में जल्द ही पूरी तरह से कार्यात्मक 'टूरिस्ट पुलिस स्टेशन' देखने को मिलेंगे।

सुखद अनुभव और वैश्विक छवि

पुलिस प्रमुख डॉ. राव ने जोर दिया कि पुलिस का व्यवहार पर्यटकों के प्रति मित्रवत (Tourist Friendly) होना चाहिए। जब किसी विदेशी या घरेलू पर्यटक को पुलिस से त्वरित सहायता मिलती है, तो राज्य की छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होती है। 'टूरिस्ट पुलिस' न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखेगी, बल्कि पर्यटकों के लिए एक 'गाइड और रक्षक' की भूमिका भी निभाएगी।

गुजरात सरकार का यह कदम राज्य के पर्यटन उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला साबित होगा। 'सुरक्षित गुजरात, सुखद गुजरात' के मंत्र के साथ, समर्पित टूरिस्ट पुलिस स्टेशनों की स्थापना से न केवल अपराधों में कमी आएगी, बल्कि पर्यटकों का विश्वास भी बढ़ेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को और गति मिलेगी।