कुदरत की मार: नेपाल में लैंडस्लाइड और बाढ़ से मची तबाही !

पहाड़ों में हाहाकार! नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ का तांडव, 21 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया, बाकी के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन तेज।

कुदरत की मार: नेपाल में लैंडस्लाइड और बाढ़ से मची तबाही !

नेपाल-तिब्बत सीमा पर भूस्खलन और अचानक आई भीषण बाढ़ (फ्लैश फ्लड) ने भारी तबाही मचाई है। भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के उफान के चलते रिहायशी इलाके, व्यापारिक मार्ग और पुल बह गए हैं। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 170 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग अब भी लापता हैं।

आपदा से जुड़े प्रमुख आंकड़े और स्थिति

  • कुल मौतें: नेपाल और सीमावर्ती क्षेत्रों में अब तक 175 के करीब शव बरामद किए जा चुके हैं।

  • लापता भारतीय: कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालुओं और पर्यटकों समेत करीब 300 भारतीय नागरिक लापता या संपर्क से बाहर बताए जा रहे हैं।

  • तिब्बत क्षेत्र में असर: सीमा पार तिब्बत (चीन) के ग्योंग और आसपास के पहाड़ी इलाकों में 500 से अधिक लोगों के लापता होने की सूचना है।

  • ताजा बचाव अभियान: दुर्गम इलाकों में चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

तबाही के प्रमुख कारण और प्रभावित इलाके

इस भीषण आपदा में नेपाल और सीमावर्ती क्षेत्रों के कई इलाके गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं। रसुवा और धादिंग में भूकंप के झटकों और ग्लेशियर टूटने की वजह से भोटेकोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिसने प्रमुख संपर्क मार्गों, सीमा चेकपोस्टों और कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को पूरी तरह तबाह कर दिया।

वहीं नुवाकोट और त्रिशूली कॉरिडोर में भारी कीचड़ और मलबे के साथ त्रिशूली नदी के उफान ने दर्जनों बस्तियों को जलमग्न कर दिया, जिससे 19 से अधिक महत्वपूर्ण मोटर पुल बह गए।

तिब्बत मार्ग पर स्थित रसुवागढ़ी बॉर्डर पर भीषण लैंडस्लाइड और सड़कों के कटाव के कारण 40 किलोमीटर से अधिक का सड़क नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। इसके अलावा, नेपाल की नदियों में अतिरिक्त जलप्रवाह बढ़ने से भारत के उत्तर प्रदेश और बिहार सीमावर्ती क्षेत्रों में गंडक और कोसी नदियों के तटीय जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।

राहत और बचाव कार्यों की स्थिति

  • सेना और हेलीकॉप्टर की तैनाती: नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल (APF) और आपदा प्रबंधन दल प्रभावित घाटी में एमआई-17 हेलीकॉप्टरों और मोटरबोट्स के जरिए राहत सामग्री पहुंचा रहे हैं और घायलों को एयरलिफ्ट कर रहे हैं।

  • भारतीय दूतावास का कंट्रोल रूम: काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने फंसे हुए नागरिकों और उनके परिजनों की सहायता के लिए 24x7 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

  • सीमांत राज्यों में अलर्ट: नेपाल से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण उत्तर प्रदेश और बिहार के जल संसाधन विभागों ने तटबंधों पर निगरानी बढ़ा दी है। एनडीआरएफ (NDRF) की कई टुकड़ियों को सीमावर्ती जिलों में तैनात किया गया है।

प्रभावित क्षेत्रों में संचार और बिजली व्यवस्था बहाल करने के प्रयास लगातार जारी हैं, ताकि बाकी फंसे लोगों की सटीक जानकारी जुटाई जा सके। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में और बारिश की संभावना को देखते हुए नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।