1 अक्टूबर से आपकी जेब पर सीधा असर !

कॉमर्शियल LPG सिलेंडर ₹70 तक महंगा, e-KYC के बिना घरेलू गैस सब्सिडी पर रोक, और AC-TV के दामों में उछाल। जानिए महीने के पहले दिन लागू हुए ये 7 बड़े बदलाव।

1 अक्टूबर से आपकी जेब पर सीधा असर !

1 अक्टूबर से आम जनता की जेब पर सीधा असर डालने वाले 7 बड़े वित्तीय और नियामक बदलाव लागू हो चुके हैं।

1. कॉमर्शियल LPG सिलेंडर ₹70 तक महंगा

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में ₹70 तक की बढ़ोतरी कर दी है।

  • असर: होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैटरिंग व्यवसाय की लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर बाहर खाने-पीने की चीजों के बिल पर दिख सकता है।

  • 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर के दामों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।

2. LPG सब्सिडी के लिए बायोमेट्रिक e-KYC अनिवार्य

सब्सिडी दर पर घरेलू एलपीजी रिफिल बुक करने के लिए बायोमेट्रिक आधार सत्यापन (e-KYC) पूरा करना अनिवार्य कर दिया गया है।

  • असर: जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराया है, उन्हें सब्सिडी वाली रियायती दर का लाभ नहीं मिलेगा। सिलेंडर की सामान्य आपूर्ति बाधित नहीं होगी, लेकिन सब्सिडी तभी दोबारा शुरू होगी जब उपभोक्ता अपनी गैस एजेंसी या डिलीवरी एजेंट के जरिए आधार प्रमाणीकरण पूरा कर लेंगे।

3. AC, TV और फ्रिज 8% तक महंगे

इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण निर्माता कंपनियों ने एसी, रेफ्रिजरेटर, एलईडी टीवी और वॉशिंग मशीन के दाम 3% से 8% तक बढ़ा दिए हैं।

  • कारण: अंतरराष्ट्रीय बाजार में तांबा, स्टील, एल्युमीनियम और प्लास्टिक में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की लागत बढ़ने और लॉजिस्टिक्स खर्च में उछाल के चलते यह फैसला लिया गया है।

4. हवाई ईंधन (ATF) की दरों में बदलाव

कंपनियों ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की दरों में ₹16 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है।

  • असर: एयरलाइन कंपनियों के कुल परिचालन खर्च में लगभग 40% हिस्सेदारी ईंधन की होती है। त्योहारी सीजन में विमान ईंधन महंगा होने से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाई टिकटों के किराए में इजाफा देखने को मिल सकता है।

5. SBI सैलरी अकाउंट पर ATM निकासी नियम सख्त

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने सैलरी पैकेज खाताधारकों के लिए अन्य बैंकों के एटीएम से मुफ्त नकद निकासी की सीमा में कटौती की है।

  • अब हर महीने केवल 5 फ्री ट्रांजैक्शन मिलेंगे, जो पहले 10 हुआ करते थे।

  • तय सीमा समाप्त होने के बाद प्रति निकासी ₹15 से ₹23 (लागू जीएसटी अतिरिक्त) का शुल्क देय होगा।

6. फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के नियमों में पारदर्शिता

आरबीआई के नए निर्देशों के तहत बैंकों को अपनी थोक (Bulk) एफडी ब्याज दरों को प्रतिदिन सुबह 10 बजे तक अपनी आधिकारिक वेबसाइटों पर सार्वजनिक रूप से अपडेट करना अनिवार्य होगा। साथ ही, एक ही तारीख पर जमा होने वाली समान अवधि की एफडी पर निवेशकों को एक समान ब्याज दर प्रदान करनी होगी।

7. मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन पर आगामी शुल्क का दायरा

15 अक्टूबर से ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा व्यावसायिक (Merchant) यूपीआई लेन-देन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) ढांचा सक्रिय होगा।

  • यह शुल्क केवल बड़े कारोबारियों पर लागू होगा।

  • आम ग्राहकों के लिए सामान्य यूपीआई पेमेंट और ₹1 लाख मासिक टर्नओवर तक वाले छोटे दुकानदारों के लिए यह पूरी तरह मुफ्त रहेगा।